आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया(Manish Sisodia) ने अमृतसर में पार्टी के विधायकों, ब्लॉक इंचार्ज और अन्य पदाधिकारियों से संवाद करते हुए पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाने की ज़रूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर विधायक को अपने क्षेत्र की रोज़ाना जवाबदेही तय करनी होगी और हर गांव के स्तर पर नशे पर निगरानी रखनी होगी। उनका संदेश स्पष्ट था कि यह लड़ाई सिर्फ सरकार या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपने बच्चों और भविष्य के लिए है।
दिल्ली में आई चुनौतियों का किया जिक्र
मनीष सिसोदिया ने अपने भाषण में दिल्ली में सत्ता में आने के बाद की चुनौतियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई।
इसके बावजूद केंद्र ने सरकार की शक्तियाँ सीमित कर दीं, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाओं में बड़े सुधार किए। उन्होंने कहा कि यही वजह थी कि दिल्ली के लोगों ने 2020 के विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को भारी बहुमत दिया।
पंजाब को नशामुक्त बनाना, सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी
मनीष सिसोदिया ने पार्टी के ईमानदार छवि पर किए गए हमलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके और सत्येंद्र जैन पर झूठे आरोप लगाए गए, लेकिन अदालत में सभी आरोप गलत साबित हुए।


