गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए गैंग के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। नौशाद हाल ही में गांव नचौली स्थित एक पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चला रहा था और इसी आड़ में गतिविधियां संचालित कर रहा था।
रेलवे और सुरक्षा ठिकानों की भेजी जाती थी जानकारी
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, आरोपी रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पाकिस्तान भेजते थे। इसके बदले उन्हें प्रति फोटो 4 से 6 हजार रुपये तक मिलते थे। इस मामले में अब तक गैंग के सरगना मेरठ निवासी सुहेल समेत 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने नौशाद के साथ मीरा (मथुरा निवासी) को भी गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी नाबालिग है।
कैमरे से हो रही थी जासूसी
जांच में खुलासा हुआ कि गैंग दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रेलवे स्टेशनों के आसपास सोलर कैमरे लगाकर लाइव निगरानी करता था। इन कैमरों का एक्सेस सीधे पाकिस्तान में मौजूद लोगों के पास था, जिससे संवेदनशील लोकेशनों की लाइव फीड वहां पहुंच रही थी। पूछताछ में सामने आया है कि गैंग अब तक 450 से अधिक फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेज चुका है। कैमरा इंस्टॉल करने के बदले आरोपियों को 10 से 15 हजार रुपये तक मिलते थे। दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास लगाए गए कैमरे पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
स्थानीय नेटवर्क की मदद से चला खेल
जांच में यह भी सामने आया कि नौशाद को स्थानीय लोगों के जरिए पेट्रोल पंप पर काम दिलवाया गया था। इसके बाद उसने यहां से अपनी गतिविधियां शुरू कीं। इस मामले में यूपी पुलिस, एटीएस, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस भी जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आने वाले दिनों में इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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