इस वर्ष महाशिवरात्रि(Mahashivratri) का पर्व विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। यह शुभ योग प्रातः 7 बजे से प्रारंभ होकर सायं 7 बजकर 48 मिनट तक प्रभावी रहेगा।
लगभग 12 घंटे से अधिक समय तक रहने वाला यह योग पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बेहद मंगलकारी माना जाता है। इस अवधि में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व
‘सर्वार्थ सिद्धि’ का अर्थ है ऐसा योग जो सभी प्रकार के शुभ कार्यों को सफल बनाने की क्षमता रखता हो। मान्यता है कि इस समय की गई पूजा और सच्चे मन से की गई प्रार्थना शीघ्र फल देती है।
किन कार्यों के लिए शुभ है यह योग?
-
यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो इस योग में आरंभ करना लाभकारी माना जाता है।
-
नया व्यापार शुरू करने या नई नौकरी जॉइन करने के लिए यह समय करियर उन्नति के दृष्टिकोण से अनुकूल रहेगा।
-
प्रॉपर्टी, सोना, चांदी या अन्य किसी क्षेत्र में निवेश करने की योजना है, तो इस योग में किया गया निवेश भविष्य में अच्छा प्रतिफल दे सकता है।
-
नया घर, वाहन, दुकान, प्लॉट या फ्लैट खरीदने के लिए भी यह अवधि शुभ मानी गई है।
-
मांगलिक कार्य, पूजा-पाठ, हवन या अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी इस योग में करने से सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
-
इस प्रकार, महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर बनने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए भी अत्यंत शुभ अवसर प्रदान करता है।

