Bihar : ‘लैंड फॉर जॉब’ केस में लालू परिवार की बढ़ी टेंशन, अदालत ने कहा “आपराधिक सिंडिकेट की तरह किया काम”
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले में बड़ा झटका लगा है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए लालू परिवार सहित 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि “लालू परिवार ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया।”
41 के खिलाफ मुकदमा रहेगा जारी
CBI द्वारा दायर इस मामले में कुल 98 आरोपी थे, जिनमें से 52 को अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपमुक्त कर दिया है। 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने बाकी 41 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई आगे बढ़ाने का आदेश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
लालू परिवार पर लगे गंभीर आरोप
कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि इन सभी के खिलाफ लगे आरोप गंभीर हैं और मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए ट्रायल जरूरी है।
पद का किया दुरुपयोग - कोर्ट ने कहा
अदालत ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और अपने परिवार के नाम पर संपत्तियां हासिल कीं। अदालत ने माना कि यह एक व्यवस्थित साजिश थी, जिसमें रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों की जमीन ली जाती थी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि “प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार एक आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थे। उन्होंने इस साजिश को एक संगठित सिंडिकेट की तरह संचालित किया।”
क्या है ‘लैंड फॉर जॉब’ मामला ?
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। CBI की जांच के अनुसार, उस दौरान रेलवे में भर्ती के बदले जमीनें ली गईं, जिनमें से कई लालू परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज की गईं।
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