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मध्य पूर्व में जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने राजधानी तेहरान के निवासियों को अस्थायी रूप से शहर छोड़ने की सलाह दी है। परिषद ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए लोग शांति बनाए रखें और यदि संभव हो तो अन्य सुरक्षित शहरों की ओर चले जाएं। यह अपील ऐसे समय में आई है जब तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में लगातार धमाकों की खबरें सामने आ रही हैं।
तेहरान समेत कई शहरों में धमाके
तेहरान के अलावा तबरीज, कौम, करज, खुर्रमाबाद, केर्मानशाह और इलाम में भी विस्फोट हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यालय को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र छह घंटे के लिए बंद कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा। अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया।
वरिष्ठ कमांडरों के मारे जाने का दावा
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई वरिष्ठ कमांडर और राजनीतिक अधिकारी मारे गए हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने सभी नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एक बयान में यह भी कहा गया है कि उनके सभी प्रमुख कमांडर सुरक्षित हैं।
अमेरिकी बेस पर ईरान के मिसाइल हमले
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ फारस की खाड़ी क्षेत्र में भी मिसाइल हमले किए। बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और कतर ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। अबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत की खबर है। बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट से जुड़े एक सेवा केंद्र को भी निशाना बनाए जाने की सूचना है।
“ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” – अमेरिका
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने इस सैन्य अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है, जबकि इजरायल ने अपनी कार्रवाई को “लायन्स रोअर” बताया है और हजारों रिजर्व सैनिकों को सक्रिय किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने “बड़े सैन्य अभियान” शुरू कर दिए हैं।
















