अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच हाल ही में घोषित सीजफायर के बाद ईरान में पहली बड़ी घटना सामने आई है। फारस की खाड़ी में स्थित लावन आइलैंड की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में जोरदार धमाके हुए हैं। हालांकि इन विस्फोटों की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
रणनीतिक रूप से अहम है लावन आइलैंड
लावन द्वीप ईरान के होर्मोजगान प्रांत में स्थित है और देश के प्रमुख कच्चा तेल निर्यात केंद्रों में शामिल है। लगभग 78 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह द्वीप लावन गैस क्षेत्र के ऊपर स्थित है और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
सीजफायर के कुछ घंटों बाद धमाके
रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार सुबह ही ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच करीब 40 दिनों से जारी संघर्ष पर 15 दिनों का सीजफायर लागू हुआ था। इसी के कुछ घंटों बाद लावन आइलैंड की रिफाइनरी में कई धमाकों की खबर सामने आई।
धमाके के कारण की हो रही जांच
जानकारी के मुताबिक धमाकों के स्रोत और पैमाने के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, नेशनल ईरानी ऑयल रिफाइनिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने दावा किया है कि रिफाइनरी पर “दुश्मन” द्वारा हमला किया गया।
सभी लोग सुरक्षित
अधिकारियों के अनुसार, समय रहते कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। साथ ही, देश की ईंधन आपूर्ति और वितरण प्रणाली पर भी इस घटना का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। बता दें कि सिरी आइलैंड पर भी कई विस्फोटों की सूचना मिली है, हालांकि इनके कारणों का भी अभी खुलासा नहीं हुआ है।
खाड़ी देशों में भी बढ़ा तनाव
इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत से भी हमलों की खबरें सामने आई हैं। UAE ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ईरान की ओर से आए मिसाइल हमलों का जवाब दे रही है। वहीं कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में ड्रोन हमलों की पुष्टि की है।
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