मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिख रहा है। गुरुवार सुबह ईरान ने इजरायल पर कुछ ही घंटों के भीतर 7 मिसाइलें दागीं, जिसमें कम से कम 9 लोग घायल हो गए। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ते सैन्य टकराव का संकेत दे रहा है।
दूसरी ओर, इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के एक अहम नौसैनिक हथियार केंद्र को निशाना बनाने का दावा किया है। इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, यह ठिकाना ईरान की नौसैनिक ताकत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जहां उन्नत मिसाइलों के विकास और भंडारण का काम किया जाता था।
वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराने का दावा
आईडीएफ का कहना है कि यज्द में जिन ठिकानों पर हमला किया गया, वहां क्रूज मिसाइल, पनडुब्बियों, हेलीकॉप्टरों और समुद्री बारूदी सुरंगों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं। यह केंद्र ईरानी नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही इजरायल ने आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराने का दावा किया था। इससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी
इजरायल और अमेरिका की ओर से हो रहे हमलों के बीच ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। गुरुवार सुबह किए गए मिसाइल हमलों को इसी कड़ी में देखा जा रहा है।
इतना ही नहीं, ईरान खाड़ी देशों को भी निशाना बना रहा है। अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। इस घटना में कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
लगातार हो रहे इन हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस स्थिति पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह टकराव बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
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