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होर्मुज में खुला ‘सेफ पैसेज’, युद्ध के बीच जहाजों को मिला सुरक्षित रास्ता…

वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए राहत की खबर सामने आई है। तनावपूर्ण हालात के बीच Strait of Hormuz में एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग उभरता दिख रहा है, जिससे व्यावसायिक जहाज सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं। यह रास्ता पारंपरिक मार्ग और ईरान द्वारा नियंत्रित किए गए नए रूट से अलग माना जा रहा है। AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) और सैटेलाइट डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि कई बड़े जहाज इस नए मार्ग का इस्तेमाल कर चुके हैं।

यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से बचते हुए ओमान की समुद्री सीमा के भीतर रहता है, जिससे जहाजों को अपेक्षाकृत सुरक्षित रास्ता मिल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले “हाब्रुत” और “धलकुट” जैसे क्रूड ऑयल टैंकर, साथ ही पनामा का “सोहार” एलएनजी कैरियर इस मार्ग से गुजर चुके हैं। ये जहाज यूएई के रास अल खैमाह के पास ओमान की सीमा में दाखिल हुए और बाद में मुसंदम प्रायद्वीप के पास अपनी लोकेशन ट्रैकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी। बताया जा रहा है कि ये टैंकर करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर चल रहे थे, जो सऊदी अरब और यूएई से लोड किया गया था।

भारतीय जहाज भी इसी रूट पर

इसी मार्ग पर एक भारतीय झंडे वाला कार्गो जहाज “एमएसवी क्यूबा एमएनवी 2183” भी देखा गया। यह जहाज दुबई से रवाना हुआ था और ओमान के डिब्बा पोर्ट के पास इसकी आखिरी लोकेशन दर्ज की गई।

दरअसल, अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में ईरान ने जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए थे। चूंकि दुनिया की करीब 20% ऊर्जा आपूर्ति इसी जलमार्ग से गुजरती है, ऐसे में इन घटनाओं ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया।

ईरान का कंट्रोल वाला रूट

तनाव के बीच ईरान ने जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक नया समुद्री रास्ता भी तैयार किया था, जो उसकी समुद्री सीमा के भीतर से गुजरता है। इस मार्ग पर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) जहाजों को अनुमति देता है और उनकी सघन जांच करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रूट से गुजरने वाले जहाजों से प्रति बैरल तेल पर शुल्क भी लिया जा रहा है।

नौसैनिक अड्डे पर धमाके की खबरें

इसी बीच ईरान के क़ेश्म द्वीप स्थित IRGC के नौसैनिक अड्डे पर धमाकों और आग लगने की खबरें भी सामने आई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ये घटनाएं हालिया हवाई हमलों से जुड़ी हो सकती हैं, जिनमें कई गोदामों को नुकसान पहुंचा।

इस नए समुद्री रास्ते के सामने आने से जहाजों को राहत जरूर मिली है, लेकिन अब सबकी नजरें ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि तेहरान इस नए ‘सेफ पैसेज’ को लेकर क्या रुख अपनाता है।

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