Wednesday, March 4, 2026
Home Current News Haryana : ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ा हरियाणा, पराली के अवशेष से...

Haryana : ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ा हरियाणा, पराली के अवशेष से बनेगी बिजली

Advertisement

हरियाणा में पराली से ग्रीन एनर्जी उत्पादन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रेवाड़ी जिले में 240 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाले अत्याधुनिक बायोमास पेलेट प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट धान, सरसों और कपास की पराली जैसे कृषि अवशेषों से पेलेट तैयार करेगा, जिन्हें बिजली बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। इस अवसर पर मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह परियोजना हरियाणा की ग्रीन एनर्जी यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी और इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

बायोमास मिक्स करना अब जरूरी

केंद्र सरकार की नई नीति के तहत देशभर के कोयला थर्मल पावर प्लांट्स में अब बायोमास या MSW (Municipal Solid Waste) से बने चारकोल को को-फायरिंग के रूप में मिलाना जरूरी है। देशभर के प्लांट्स को कम से कम 5% बायोमास का उपयोग करना होगा। वहीं, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के थर्मल पावर प्लांट्स को 7% बायोमास मिश्रण का लक्ष्य पूरा करना है।

किसानों की बढ़ेगी आय

प्रह्लाद जोशी ने बताया कि इस प्लांट से पराली अब कचरा नहीं, बल्कि किसानों की अतिरिक्त आय का साधन बन जाएगी। NCR क्षेत्र में थर्मल पावर संयंत्रों में इस्तेमाल होने वाले बायोमास का कम से कम आधा हिस्सा स्थानीय धान की पराली से लिया जाएगा। इससे पराली जलाने की समस्या में कमी आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही कई लोगों को काम करने का अवसर मिलेगा।

प्रदूषण में होगी भारी कमी

यह बायोमास प्लांट वायु प्रदूषण घटाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायक होगा। हरियाणा सरकार के अनुसार, इस तरह के प्रोजेक्ट राज्य को स्वच्छ ईंधन उत्पादन में सहायता मिलेगी।

हरियाणा की नवीकरणीय ऊर्जा में उपलब्धियां

हरियाणा ने अब तक 2.8 गीगावॉट (GW) से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की है, जिसमें 2.4 GW सौर ऊर्जा शामिल है। बता दें कि 45,000 से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा 2 लाख से ज्यादा परिवारों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए आवेदन किया है। पीएम-कुसुम योजना के तहत 1.74 लाख सोलर पंप किसानों को दिए गए हैं। 1350 MW बायोमास क्षमता और 49 MW वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स राज्य में संचालित हो रहे हैं। रेवाड़ी में शुरू हुआ यह बायोमास पेलेट प्लांट न केवल हरियाणा बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए पर्यावरण को बचाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया अध्याय खोलने जा रहा है।