Wednesday, February 18, 2026
HomeCurrent Newsमहिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा 'मातृशक्ति उद्यमिता' के लिए Subsidy...

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा ‘मातृशक्ति उद्यमिता’ के लिए Subsidy योजना लागू

एमएच वन ब्यूरो, चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा उदय अभियान के तहत एक नई योजना हरियाणा महिला विकास के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता के लिए सब्सिडी योजना लागू की गई है।
इस योजना के तहत ऑटो रिक्शा, टैक्सी, सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, फोटोकॉपी की दुकान, पापड़ बनाना, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, हैण्ड लूम, बैग बनाना, कैंटीन सर्विस इत्यादि का अपना काम शुरू कर सकती है।

योजना की ऋण प्रक्रिया

योजना की ऋण प्रक्रिया इस प्रकार है। लाभार्थी को समय पर पुनर्भुगतान के मामले में हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा बैंकों द्वारा ली जाने वाली प्रचलित ब्याज दर पर तीन वर्षो के लिए 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान किया जाएगा। अधिकतम ऋण सीमा 05 लाख रुपए तक है। ऋण के संवितरण के बाद अधिस्थगन अवधि तीन महीने की होगी।

आवेदक की पात्रता

हरियाणा महिला विकास निगम के प्रवक्ता ने आवेदक की पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि वह केवल हरियाणा की मूल निवासी महिलाएं जिनकी परिवार पहचान पत्र के अनुसार 5 लाख रुपए से अधिक आय न हो। इस योजना के लिए लाभ पात्र है। इसके अलावा ईएमआई के भुगतान के चूक के मामले में विलंबित पर अर्जित ब्याज के लिए कोई सब्सिडी नहीं दी जाएगी। हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा लाभार्थियों के 36 महीने के लिए 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि दी जाएगी। वहीं ऋण के लिए आवदेन करने समय समावित लाभार्थी की आयु 18-60 वर्ष होनी चाहिए। योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने के लिए दस्तावेज की सूची जरूरी है। इनमें आवेदन पत्र, राशन कार्ड /परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट/ अनुभव प्रमाण पत्र शामिल है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments