उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये लोग सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए एक नेटवर्क तैयार कर रहे थे और युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस को इन संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पहले से ही गुप्त सूचना मिल रही थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों से कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी अब गहन जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और खास तौर पर व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल कर रहे थे। इन ग्रुपों के माध्यम से भड़काऊ सामग्री और संदिग्ध संदेश साझा किए जाते थे। एजेंसियों को शक है कि इन मैसेजों के जरिए लोगों को प्रभावित करने और उन्हें अपने नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश की जा रही थी।
जांच में यह भी पता चला है कि इन ग्रुपों में कई ऐसे संदेश और वीडियो साझा किए गए थे, जो सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ग्रुपों से कितने लोग जुड़े हुए थे और यह नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है।
आतंकी संगठन से जुड़े होने की आशंका
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इन लोगों के तार किसी आतंकी संगठन से तो नहीं जुड़े हुए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लिंक सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि के लिए आगे जांच की जा रही है।
हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में किसी संगठन के साथ सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन डिजिटल सबूतों के आधार पर कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
मुख्य आरोपी की भूमिका की जांच
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक व्यक्ति की भूमिका को लेकर विशेष जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह पहले धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है और स्थानीय स्तर पर उसका प्रभाव भी रहा है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संपर्क भी हो सकते हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम और पता
गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम और पता
1. सावेज पुत्र अब्दुल कदीर निवासी ग्राम नाहल थाना मसूरी गाजियाबाद उम्र करीब 20 वर्ष 2. जुनैद पुत्र सलीम निवासी ग्राम नाहल थाना मसूरी गाजियाबाद उम्र करीब 23 वर्ष 3. फरदीन पुत्र मुनसफ निवासी ग्राम नाहल थाना मसूरी गाजियाबाद उम्र करीब 22 वर्ष 4. इकराम अली पुत्र इन्शाद अली निवासी ग्राम नाहल थाना मसूरी गाजियाबाद उम्र करीब 36 वर्ष 5. फजरू पुत्र दफेदार निवासी ग्राम नाहल थाना मसूरी गाजियाबाद उम्र करीब 48 वर्ष 6. मो. जावेद पुत्र मो. अखलाख निवासी ग्राम नाहल थाना मसूरी गाजियाबाद उम्र करीब 45 वर्ष
डिजिटल सबूतों की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस को जब्त कर लिया है। इन उपकरणों से मिली चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस मामले में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

