पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के कारण भारत में एलपीजी (LPG Cylinder) की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में भारत सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
साथ ही, गैस की जमाखोरी रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब कोई भी उपभोक्ता 25 दिनों के भीतर अगले सिलेंडर(LPG Cylinder) की बुकिंग नहीं कर सकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य संकट के समय में घरेलू आपूर्ति प्रभावित हुए बिना उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सप्लाई किसी भी हालत में बाधित नहीं होगी।
गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए विशेष समीक्षा
गैर-घरेलू क्षेत्रों, जैसे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों में एलपीजी की आपूर्ति की निगरानी के लिए ओएमसी (OMC) की तीन कार्यकारी निदेशकों की एक विशेष कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी उद्योगों की जरूरतों और उनके आवेदन का मूल्यांकन करेगी। फिलहाल, आयातित एलपीजी का कोटा केवल अस्पतालों, स्कूलों और अन्य आवश्यक संस्थानों के लिए आरक्षित रखा गया है।
घरेलू जरूरतों को सुरक्षित रखने पर सरकार का ध्यान
यह निर्णय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, MoPNG सचिव और प्रमुख तेल विपणन कंपनियों-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड-के साथ समन्वय में लिया गया। मंत्रालय ने यह जोर देकर कहा है कि ये उपाय विशेष रूप से करोड़ों भारतीय परिवारों की रसोई को सुरक्षित रखने के लिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है।