Thursday, March 5, 2026
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लगातार 37 घंटे भरी उड़ान, हवा में ही भरा तेल, जानें कैसे अमेरिका के 6 B-2 बॉम्बर्स ने ईरान में मचाई तबाही

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लगातार 37 घंटे आसमान में उड़ना, रास्ते में हवा में कई बार ईंधन भरना और फिर दुश्मन देश के सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकानों पर सटीक हमला करना। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि अमेरिका की असली सैन्य कार्रवाई थी, जिसने रविवार की सुबह पूरी दुनिया को चौंका दिया। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने रविवार की सुबह एक और खतरनाक मोड़ ले लिया। दरअसल, अमेरिका के अत्याधुनिक बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान पर भीषण हमला किया।

37 घंटे तक लगातार आसमान में रहे बमवर्षक

मिसौरी (अमेरिका) से उड़ान भरने के बाद ये बी-2 बमवर्षक विमान करीब 37 घंटे तक बिना उतरे लगातार उड़ते रहे। इस दौरान उन्होंने हवा में कई बार ईंधन भरा, ताकि बिना रुके मिशन को अंजाम दिया जा सके। इस तरह के ऑपरेशन को लंबी दूरी के हमले का एक चरम उदाहरण माना जाता है।

फोर्डो: बंकर बस्टर से उड़ा सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकाना

ईरान का फोर्डो परमाणु ठिकाना, जो पहाड़ों के नीचे बना हुआ था और बेहद सुरक्षित माना जाता था, इस हमले में सबसे बड़ा निशाना बना। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “फोर्डो चला गया है।” यानी, “फोर्डो अब नहीं रहा।” यह हमला खास GBU-57 ‘मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर’ बंकर बस्टर बमों से किया गया, जो खास तौर पर ऐसे गहरे और सुरक्षित ठिकानों को तबाह करने के लिए बनाए गए हैं।

बम और मिसाइलों का एक साथ इस्तेमाल

इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका ने फोर्डो पर 6 बंकर बस्टर बम गिराए, जबकि नतांज और इस्फ़हान जैसे दूसरे परमाणु ठिकानों पर करीब 30 टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं। यह ईरान पर अमेरिका का सालों में सबसे सीधा और शक्तिशाली हमला था।

सुरक्षित वापसी और ट्रंप का संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि “हमारे सभी विमान सुरक्षित लौट रहे हैं” और उन्होंने इस मिशन को “अद्भुत सफलता” बताया। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर वह अब भी शांति नहीं बनाता है तो अगला हमला और भी घातक होगा।

इजराइल से समन्वय और ईरान से पुष्टि

अमेरिकी हमले से पहले इजरायल और अमेरिका के बीच करीबी समन्वय था। ट्रंप ने सीधे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, एक ईरानी अधिकारी ने हमले से फोर्डो साइट को हुए नुकसान की पुष्टि की है।

अब तक की स्थिति

ईरान में अब तक 400 से ज्यादा नागरिक मारे गए हैं और 3,500 से ज्यादा घायल हुए हैं, जबकि इजरायल में भी 14 लोगों की मौत हुई है और 1,200 से ज्यादा घायल हुए हैं। दोनों देशों के बीच दशकों से चल रहे तनाव में यह हमला अब तक का सबसे खतरनाक दौर माना जा रहा है।