दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए मेट्रो फेज-V(ए) को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 16 किलोमीटर लंबाई के तीन नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इस विस्तार में कुल 13 स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 12,014.91 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार का हिस्सा 2,940.46 करोड़ रुपये होगा। इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
13 में से 10 स्टेशन होंगे भूमिगत
तीन कॉरिडोर में आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा मार्ग), एयरोसिटी से आईजीआई टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज शामिल हैं। 13 स्टेशनों में 10 अंडरग्राउंड और 3 एलिवेटेड होंगे, जिससे मौजूदा नेटवर्क के साथ बेहतर इंटरचेंज संभव होगा।
आरके आश्रम–इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर
9.913 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर 9 स्टेशन बनेंगे। यह लाइन सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगी और प्रमुख प्रशासनिक व ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ेगी। परियोजना पर 9,570.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिनमें 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी। इससे प्रतिदिन हजारों कर्मचारियों और यात्रियों को लाभ मिलने का अनुमान है।
एयरोसिटी–टर्मिनल-1 कनेक्टिविटी
2.26 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर एक स्टेशन बनेगा। 1,419.64 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो पहुंच सुनिश्चित करेगी। इसमें दिल्ली सरकार 351.86 करोड़ रुपये देगी।
तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज लाइन
3.9 किमी लंबे इस मार्ग पर 3 स्टेशन प्रस्तावित हैं। 1,024.87 करोड़ रुपये की लागत वाली यह लाइन दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इसमें 251.36 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी।