दिल्ली में हर साल गर्मियों के दौरान बढ़ती पानी की किल्लत को देखते हुए सरकार ने इस बार पहले से ही ‘समर एक्शन प्लान’ लागू कर दिया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह योजना न केवल तत्काल राहत देगी, बल्कि भविष्य के लिए मजबूत जल प्रबंधन प्रणाली भी तैयार करेगी।
1000 वाटर टैंकरों की तैनाती
गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई बनाए रखने के लिए करीब 1000 पानी के टैंकर तैनात किए गए हैं। इन टैंकरों के जरिए शहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। सरकार ने माना कि सीमित जल स्रोत और नई बोरवेल साइट्स की कमी बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके बावजूद हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
AI तकनीक का होगा इस्तेमाल
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड ने IIT कानपुर के साथ मिलकर AI आधारित सिस्टम विकसित करना शुरू किया है, जिससे पानी की मांग और आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन हो सके।
GPS से होगी टैंकरों की निगरानी
पानी के टैंकरों में GPS सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे उनकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पानी की सप्लाई में गड़बड़ी या शिकायतों को जल्दी दूर किया जा सकेगा। चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन का काम तेज किया गया है, जो अगले दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद करीब 10 विधानसभा क्षेत्रों में पानी की स्थिति बेहतर होगी। दिल्ली सरकार हरियाणा से 51 क्यूसेक अतिरिक्त पानी खरीदने की योजना पर भी काम कर रही है। इसे डीएसबी नहर के जरिए राजधानी तक लाया जाएगा, जिससे सप्लाई में और सुधार होगा।
भविष्य को ध्यान में रखकर प्लानिंग
सरकार ने लंबे समय के लिए मास्टर प्लान तैयार करना भी शुरू कर दिया है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली में करीब 20 लाख नए फ्लैट बनेंगे, जिससे पानी की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में यह योजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
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