जब भी भारत के शीर्ष विद्यालयों की बात होती है, सैनिक स्कूल(Sainik Schools) हमेशा नाम की सूची में आते हैं। अधिकतर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे का दाखिला इन स्कूलों में हो, लेकिन वर्तमान में स्कूलों की संख्या सीमित होने के कारण यह संभव नहीं हो पाता। इस चुनौती को देखते हुए देशभर में 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना की घोषणा की गई है। इस खबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट के जरिए साझा किया।
मंत्री ने ट्वीट में कहा कि सैनिक स्कूलों के छात्र अनुशासन और समर्पण के ऐसे उदाहरण पेश करते हैं, जो अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इसी कारण से सरकार ने PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से इन 100 नए स्कूलों की स्थापना का निर्णय लिया।
सैनिक स्कूलों से निकलने वाले बच्चों का, अनुशासन और समर्पण, बाकी दूसरे बच्चों के लिए, एक example होता है। इसलिए सैनिक स्कूल की संख्या को बढ़ाने के लिए, कुछ समय पहले हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया, कि हम PPP, यानी public-private partnership के आधार पर, देश भर में 100 नए सैनिक…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) March 21, 2026
तैयारी और मानसिक दृढ़ता से हर चुनौती का सामना
राजनाथ सिंह ने छात्रों को समझाया कि “तैयार रहना” केवल युद्ध की तैयारी नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और बौद्धिक दृढ़ता की तैयारी है। उन्होंने कहा, “तैयारी का मतलब यह है कि आप कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखें और सही-गलत में अंतर समझें।” मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार अपने सुरक्षा बलों को आधुनिक हथियार और तकनीक से लैस करने में सक्रिय है।
तैयार रहने से मेरा मतलब यह नहीं, कि आप केवल किसी युद्ध के लिए ही तैयार रहें, बल्कि तैयार रहने का मेरा मतलब यह है कि आप सामने आने वाली हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें। यह तैयारी mental toughness की है ताकि आप कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखें। यह तैयारी intellectual clarity…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) March 21, 2026

