गुजरात के सूरत में साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 47.44 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। लिंबायत इलाके के एक घर से संचालित इस नेटवर्क का खुलासा छापेमारी के दौरान हुआ। पुलिस ने भावेश मनोजभाई शिंदे को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी ऋषिकेश शिंदे और हरीश चौधरी फरार हैं।
घर से चल रहा था पूरा ऑपरेशन
जांच में सामने आया कि गिरोह ऑफिस की बजाय घर से ही अपना नेटवर्क चला रहा था, ताकि किसी को शक न हो। आरोपी फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड के जरिए देशभर के लोगों से ठगी कर रहे थे और अंतरराष्ट्रीय ठगों से जुड़े हुए थे।
छापेमारी में भारी कैश बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 18.50 लाख रुपये नकद समेत कुल 19.87 लाख रुपये का सामान जब्त किया। इसके अलावा 16 डेबिट कार्ड, 24 चेकबुक, कई पासबुक, 5 सिम कार्ड, एक स्वाइप मशीन और बाइक भी बरामद की गई।
फर्जी खातों के जरिए होता था ट्रांजैक्शन
गिरोह अलग-अलग राज्यों के लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उनके मोबाइल नंबर अपने कब्जे में रखता था। विदेश से आने वाली ठगी की रकम इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी, जिसके बाद आरोपी एटीएम से पैसे निकालकर कमीशन रखते और बाकी रकम आगे भेज देते थे।
देशभर में 47.44 करोड़ की ठगी का खुलासा
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने अब तक 47.44 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। इस मामले में अलग-अलग राज्यों में 15 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं, जबकि NCRP पोर्टल पर 56 केस सामने आए हैं।
‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत कार्रवाई
डीसीपी विशाखा जैन ने बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपी का काम एटीएम से निकाली गई नकदी इकट्ठा कर मुख्य सरगना तक पहुंचाना था। पुलिस के अनुसार फरार आरोपी हरीश चौधरी और ऋषिकेश पहले महादेव गेमिंग ऐप केस में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। फिलहाल दोनों जमानत पर हैं और उनकी तलाश जारी है।
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