मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने मंगलवार को आगरा विकास प्राधिकरण की ग्रेटर आगरा योजना का शिलान्यास किया। इस कदम के बाद ताजनगरी के रियल एस्टेट मार्केट में हलचल बढ़ गई है। इसे अक्सर ‘आगरा का ग्रेटर नोएडा’ कहा जा रहा है, और दिल्ली-एनसीआर के बड़े बिल्डर्स और निवेशकों की नजर अब इस क्षेत्र पर टिक गई है। इनर रिंग रोड और आसपास के इलाकों में जमीन के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं, जिससे आम आदमी की पहुंच से बाहर होने की संभावना है।
NCR निवेशकों की बढ़ती रुचि
ग्रेटर आगरा की लोकेशन इसे एनसीआर के निवेशकों के लिए आकर्षक बना रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ एक्सप्रेस-वे के मिलने वाले बिंदु पर स्थित होने की वजह से नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के निवेशक इसे भविष्य का सुनहरा अवसर मान रहे हैं। एनसीआर से आने वाली निवेश की बड़ी खेप ने स्थानीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ा दिया है। अभी एडीए ने प्लॉट की रेट लिस्ट जारी नहीं की है, लेकिन प्राइवेट लैंड्स पर मची होड़ ने पहले ही जमीनों में तेज़ी ला दी है।
हर सुबह बदल रहे जमीन के दाम
ग्रेटर आगरा के आसपास के गांवों के किसानों की किस्मत रातों-रात बदल रही है। जिन किसानों की जमीन योजना में शामिल है, उन्हें चार गुना मुआवजा मिल रहा है। लेकिन असली रौनक उन जमीनों में है जो योजना के बगल में हैं। बाहरी बिल्डर्स की सक्रियता इतनी बढ़ गई है कि किसान अब रेट तय नहीं कर रहे, बल्कि बोली मांग रहे हैं। हर सुबह यहां जमीन के दाम नए ऊंचे स्तर पर खुल रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धा ने आसपास की कृषि भूमि को व्यवसायिक और आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए बेहद कीमती बना दिया है