उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 492 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही 736 अन्य अभ्यर्थियों को 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और दो चिकित्सा संस्थानों में आयोजित लाइव कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस तरह कुल 1228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति मिली।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में पिछले वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले अस्पताल तो बन जाते थे, लेकिन वहां डॉक्टर और स्टाफ की भारी कमी रहती थी, जिससे मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता था।
विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी। अस्पतालों में न डॉक्टर होते थे, न नर्सिंग स्टाफ और न ही तकनीकी कर्मचारी। उन्होंने कहा कि उस समय सब कुछ भगवान भरोसे था और मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
नर्सिंग शिक्षा संस्थानों का विस्तार
उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों में बंद हो चुके एएनएम और जीएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को फिर से शुरू किया गया है। प्रदेश में 35 एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को दोबारा संचालित किया गया है, जबकि 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है।
डिजिटल और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में अब यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत सवा 9 करोड़ लोग जुड़े हैं। साथ ही 14.28 करोड़ आभा डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी इलाज की सुविधा मिल रही है।
मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बढ़ोतरी
सीएम योगी ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें 17 सरकारी थे। अब यह संख्या बढ़कर 81 हो गई है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों संस्थान शामिल हैं।