Thursday, February 19, 2026
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हरियाणा में मोतियाबिंद के मुफ्त होंगे ऑपरेशन, सीएम नायब सैनी ने की घोषणा

एमएच वन ब्यूरो, चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संकल्प पत्र के दो प्रमुख वादों को पूरा करते हुए आज एक बड़ी स्वास्थ्य सेवा पहल की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्यभर के सभी 26 सरकारी अस्पतालों और 15 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन नि:शुल्क किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य हरियाणा के लोगों के लिए आवश्यक नेत्र देखभाल को और अधिक सुलभ बनाना है।

इसके अलावा नायब सिंह सैनी ने पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में सफल टेलीमेडिसिन सेवाओं की तर्ज पर पीजीआईएमएस रोहतक में विशेषज्ञों द्वारा टेली-परामर्श सेवाएं शुरू करने की भी घोषणा की। इस सेवा से राज्य के निवासियों को बिना किसी खर्च के चिकित्सा विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ होगा। हरियाणा में प्रतिदिन प्राप्त होने वाली कॉल्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो औसतन 1,700 कॉल प्रतिदिन तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कॉल्स की संख्या को बढ़ाकर 7,000 प्रतिदिन करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वर्तमान में, पूरे हरियाणा में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वालों की कुल संख्या लगभग 1 लाख प्रतिदिन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य पूरे राज्य में सभी नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ बनाना है।

सूचीबद्ध अस्पताल के एमपैनलमेंट रद्द करने के आदेश

आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए मरीजों से नकद पैसे लेने के आरोप में अग्रवाल नर्सिंग होम, कुरुक्षेत्र के खिलाफ शिकायत पर सख्त कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने योजना के तहत सूचीबद्ध इस अस्पताल का तत्काल प्रभाव से एमपैनलमेंट रद्द करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अस्पताल मरीजों या उनके परिजनों से नकद पैसे लेते हुआ या एडवांस भुगतान के लिए हस्ताक्षर मांगता हुआ पाया गया तो उसका एमपैनलमेंट तत्काल रद्द कर दिया जाएगा। नायब सिंह सैनी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए अस्पतालों को समय पर भुगतान के लिए एक रिवॉल्विंग फंड स्थापित करने का भी सुझाव दिया। करीब 45 लाख पात्र परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये प्रति परिवार का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। राज्य में कुल 1227 सूचीबद्ध अस्पताल हैं, जिनमें 502 सरकारी और 725 निजी अस्पताल शामिल हैं।

डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी के दौरान रहें उपलब्ध

राज्यभर के सिविल अस्पतालों के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के प्राथमिक लक्ष्य मरीजों की संतुष्टि के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपने निर्धारित ड्यूटी घंटों के दौरान उपलब्ध रहें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रोगियों को स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने बेहतर संचार और रोगी सहायता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस संबंध में, उन्होंने निर्देश दिए कि समय पर सहायता प्रदान करने और रोगियों की किसी भी चिंता या शिकायत को दूर करने के लिए सभी सिविल अस्पतालों में एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर स्थापित किया जाए।

777 चिकित्सा अधिकारियों के पद जल्द ही भरे जाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और मजबूत करने और डॉक्टरों की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से, राज्य में 31 दिसंबर 2024 से पहले 777 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 718 उप स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी), 82 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 25 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सहित 825 स्वास्थ्य संस्थान चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए जाएंगे।

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