पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इसी बीच राज्य के नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में औपचारिक एंट्री कर ली। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे, जिससे यह साफ संकेत मिला कि पार्टी इस चुनाव को लेकर पूरी ताकत झोंकने के मूड में है।
दो अहम सीटों से किस्मत आजमा रहे सुवेंदु
इस बार सुवेंदु अधिकारी दो प्रमुख सीटों, भवानीपुर और नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं। भवानीपुर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है, ऐसे में यहां से चुनाव लड़ना सीधे तौर पर उन्हें चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह मुकाबला इस चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित मुकाबला बनने जा रहा है।
दूसरी ओर, नंदीग्राम सीट सुवेंदु अधिकारी(Suvendu Adhikari) का पारंपरिक गढ़ रही है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से ममता बनर्जी को करीबी मुकाबले में हराया था। उस चुनाव में उन्होंने लगभग 1,956 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। हालांकि, मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए ममता बनर्जी ने बाद में भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़ा और वहां से बड़ी जीत दर्ज की थी।
दो चरणों में होंगे चुनाव, 4 मई को नतीजे
राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को निर्धारित किया गया है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में करीब 6.45 करोड़ मतदाता हैं, जिनके लिए 80 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे पश्चिम बंगाल में आचार संहिता लागू हो चुकी है। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। दोनों ही दल पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और भी दिलचस्प होने की संभावना है।