CM Nitish Kumar MLC resignation: बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (एमएलसी) पद से इस्तीफा दे दिया। सुबह करीब 10:15 बजे इसकी आधिकारिक पुष्टि हुई। इस खबर के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई।
जदयू नेताओं ने सौंपा इस्तीफा पत्र
इस्तीफे को लेकर सुबह से ही चर्चाएं चल रही थीं। Janata Dal (United) (जदयू) ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि इस्तीफा उनके पास है। बाद में जदयू के एमएलसी संजय गांधी इस्तीफे का पत्र लेकर विधान परिषद पहुंचे और सभापति को सौंपा। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की।
राज्यसभा सदस्य बनने के बाद लिया फैसला
दरअसल, नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति एक समय में दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता, इसलिए उन्हें एमएलसी पद छोड़ना पड़ा। अब वह राज्यसभा की सदस्यता बनाए रखेंगे।
मुख्यमंत्री पद को लेकर क्यों बना है सस्पेंस?
एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार छह महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे। फिलहाल इस पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
नेताओं की बैठकों से बढ़ी हलचल
रविवार शाम से ही इस घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई थी। मुख्यमंत्री आवास पर जदयू के कई बड़े नेता पहुंचे, जिनमें संजय कुमार झा, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र यादव और अशोक चौधरी शामिल रहे। इन बैठकों के बाद सियासी अटकलें और तेज हो गईं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना बनी हुई है।
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