Saturday, March 7, 2026
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22 अप्रैल से खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, वृष लग्न में  सुबह 8 बजे श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन 

Baba Kedarnath
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उत्तराखंड की आस्था का केंद्र माने जाने वाले केदारनाथ मंदिर के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को शुभ वृष लग्न में खोेंगे। इसकी औपचारिक घोषणा शीतकालीन गद्दीस्थल ओम्कारेश्वर मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ की गई। घोषणा होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है और यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं।

मंदिर समिति के अनुसार, 22 अप्रैल, बुधवार की सुबह ठीक 8 बजे शुभ मुहूर्त में द्वार श्रद्धालुओं के लिए खो दिए जाएंगे। इसके साथ ही छह माह तक चलने वाली पवित्र यात्रा का शुभारंभ होगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

कब से शुरु होगी गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा ?  

इस वर्ष बाबा केदारनाथ धाम में मुख्य पुजारी का दायित्व टी. गंगाधर लिंग को सौंपा गया है। परंपरा के अनुसार, यहां पूजा-अर्चना दक्षिण भारत के रावल पुजारियों द्वारा ही संपन्न कराई जाती है। कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के बाद से ही श्रद्धालु पंजीकरण कराने में जुट गए हैं।

केदारनाथ धाम के बाद बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर ब्रह्ममुहूर्त में खोले जाएंगे। इसकी घोषणा पूर्व में वसंत पंचमी के अवसर पर की जा चुकी थी। वहीं गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया, 19 अप्रैल को खोले जाएंगे। हालांकि दोनों धामों के सटीक शुभ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी मंदिर समिति द्वारा शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी।

यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार ने की तैयारियां

चारधाम यात्रा को सफल और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मार्गों की मरम्मत, सुरक्षा प्रबंध, स्वास्थ्य सुविधाएं और ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में अग्रिम बुकिंग भी तेजी से हो रही है।

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में भाग लेते हैं और इस बार भी बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मौसम अनुकूल रहने और पर्वतीय क्षेत्रों में कम बर्फबारी की कामना के साथ श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए उत्सुक हैं।