Thursday, February 12, 2026
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आनंद महिंद्रा की 90 घंटे काम पर अलग सोच, कहा- ‘मेरी पत्नी बेहद खूबसूरत, मुझे उसे निहारना…’

लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के अध्यक्ष एस.एन. सुब्रह्मण्यन द्वारा सप्ताह में 90 घंटे काम करने वाले बयान पर लगातार बहस जारी है। देश के ज्यादातर लोग सुब्रह्मण्यन के इस बयान से खफा दिखाई दिए है। ऐसे में देश के बड़े उद्योगपति और महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि काम की गुणवत्ता पर ध्यान दें उसकी मात्रा पर नहीं, क्योंकि 10 घंटे में दुनिया बदल सकती है. दिल्ली में राष्ट्रीय युवा महोत्सव को संबोधित करते हुए आनंद महिंद्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर वह इसलिए नहीं हैं कि वह अकेले हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पत्नी बेहद खूबसूरत है. मुझे उसे निहारना अच्छा लगता है.

सोशल मीडिया पर उठा विवाद

लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) के चेयरमैन एस.एन. सुब्रह्मण्यन की हालिया टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। उन्होंने सवाल किया था, “आप अपनी पत्नी को कितनी देर तक निहार सकते हैं?” और सप्ताह में 90 घंटे काम करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए यह भी कहा कि कर्मचारियों को रविवार को भी छुट्टी नहीं लेनी चाहिए।

इसके बाद महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि 90 घंटे काम करने पर उन्होंने नारायण मूर्ति और अन्य सम्मानित व्यक्तित्वों के प्रति आदर प्रकट किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह बहस काम के घंटे बढ़ाने पर नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “काम की मात्रा की बजाय परिणाम पर ध्यान देना चाहिए। चाहे आप 10 घंटे काम करें, आप उन 10 घंटों में दुनिया बदल सकते हैं।”

महिंद्रा ने आगे कहा कि किसी भी कंपनी को ऐसे लोग चाहिए जो समझदारी से फैसले लें। वह मानते हैं कि सही निर्णय वही लोग ले सकते हैं, जिनके पास समग्र दृष्टिकोण हो और जो दुनिया भर से आने वाले विचारों के प्रति खुले हों।

उन्होंने इस पर भी बल दिया कि इंजीनियरों और एमबीए जैसे पेशेवरों को कला और संस्कृति का अध्ययन करना चाहिए, ताकि वे बेहतर निर्णय ले सकें। साथ ही, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने की महत्वता पर जोर देते हुए कहा, “अगर आप घर पर समय नहीं बिता रहे हैं, मित्रों से नहीं मिल रहे हैं, पढ़ाई नहीं कर रहे हैं, तो आप सही तरीके से निर्णय कैसे ले सकते हैं?”

आनंद महिंद्रा ने अपने वाहन निर्माण व्यवसाय, महिंद्रा एंड महिंद्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी को यह समझना जरूरी है कि ग्राहक क्या चाहता है। यदि वे हर समय केवल ऑफिस में ही व्यस्त रहेंगे और अपने परिवार के साथ समय नहीं बिताएंगे, तो वे कैसे समझ पाएंगे कि लोग किस प्रकार की कार में बैठना चाहते हैं?

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