Tuesday, February 10, 2026
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“अमेरिका खुद रूस से खरीदता है, लेकिन भारत को रोकता है”- ट्रंप की दोहरी नीति पर पुतिन का करारा हमला

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंच गए हैं। गुरुवार रात दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पुतिन के विमान के उतरते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्वागत के लिए पहुंचे। प्रोटोकॉल से हटकर हुए इस स्वागत में प्रधानमंत्री ने पुतिन को गले लगाया और उनके साथ एयरपोर्ट पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा। पुतिन ने इस प्रस्तुति की प्रशंसा की और भारत की मेजबानी की तारीफ की।

इसके बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना हुए। दोनों का एक ही वाहन से सफर करना भारत-रूस की घनिष्ठता और आपसी विश्वास का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

भारत दौरे से पहले पुतिन का अमेरिका पर हमला

भारत आने से ठीक पहले व्लादिमीर पुतिन ने रूस-भारत ऊर्जा सहयोग के संदर्भ में अमेरिका और पश्चिमी देशों की नीतियों पर कड़ा सवाल उठाया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने परमाणु बिजलीघरों के लिए रूस से न्यूक्लियर फ्यूल खरीदता है, लेकिन भारत द्वारा रूसी कच्चा तेल आयात करने पर आपत्ति जताता है।

पुतिन ने तंज कसते हुए कहा-
“अमेरिका हमसे परमाणु ऊर्जा खरीदता है और फिर हमें ज्ञान देता है”

उन्होंने पूछा कि जब अमेरिका खुद रूस से ऊर्जा आयात कर सकता है, तो भारत पर प्रतिबंध और टैरिफ दबाव क्यों? पुतिन ने कहा कि हर देश, चाहे भारत हो या कोई और, अपने हितों के आधार पर निर्णय लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ

इंटरव्यू में पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया ने भारत की “मजबूत, संतुलित और स्पष्ट” नीति को देखा है।

पुतिन ने यह भी याद दिलाया कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया और कुल सीमा बढ़ाकर 50% कर दी, तब भी रूस ने इसका विरोध किया था। पुतिन के अनुसार, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर बिल्कुल उचित निर्णय लेता है और रूस हमेशा इस स्वतंत्रता का सम्मान करता है।

अमेरिकी टैरिफ नीति को बताया खतरनाक

अमेरिका की आर्थिक नीतियों पर पुतिन ने दो-टूक शब्दों में कहा—
“अमेरिका और ट्रंप के आर्थिक सलाहकार मानते हैं कि ऐसे टैरिफ से उन्हें फायदा होगा, लेकिन हमारे विशेषज्ञों के अनुसार ये नीतियां खतरनाक हैं।”

पुतिन ने जोर देकर कहा कि रूस ऐसी नीतियों का अनुसरण नहीं करता और भविष्य में भी नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि रूस “खुली अर्थव्यवस्था” को बढ़ावा देता है और चाहता है कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों में आवश्यक संशोधन करके वैश्विक व्यापार को अधिक स्थिर और निष्पक्ष बनाया जाए।

भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण दौरा

पुतिन का यह भारत दौरा रक्षा, ऊर्जा, आंशिक व्यापारिक समझौतों और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। एयरपोर्ट पर हुए स्वागत से लेकर अमेरिका को दिए गए स्पष्ट संदेशों तक, यह यात्रा संकेत देती है कि भारत और रूस आने वाले समय में वैश्विक परिस्थितियों की परवाह किए बिना अपने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की तैयारी में हैं।

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