आज के समय में जहां लाखों लोग ये सोच रहे हैं कि AI के आने से उनकी नौकरी खतरे में है तो दूसरी तरफ बेंगलुरु के रहने वाले शख्स राकेश बी ने एक अलग ही प्रेरणा दुनिया के सामने रखी है। दरअसल बेंगलुरु के रहने वाले इस शख्स ने Apple Inc. कंपनी को छोड़कर खुद का ऑटो लिया और उसे चलाने लगे, राकेश ने मोटी सैलरी की नौकरी छोड़कर खुद का काम यानी ऑटो चलाना चुना… उनका कहना है कि यह फैसला उन्होंने कोई जल्दबाजी में नहीं लिया बल्कि उसके पीछे जो कारण है वो उन्होंने दुनिया के सामने रखा है।
दरअसल राकेश का करियर ऐपल से शुरू होकर बड़े बैंकों और टॉप टेक कंपनियों तक पहुंचा। लेकिन इस ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी उन्हें सुकून नहीं मिला। कॉर्पोरेट लाइफ की दौड़, पॉलिटिक्स और लोगों को खुश करने की आदत ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि वे डिप्रेशन का शिकार हो गए और दवाइयों के सहारे जीने लगे।इस कठिन दौर में उन्होंने खुद को संभालने का फैसला लिया। उन्होंने मनोविज्ञान को समझा, अपने जीवन को अनुशासन में ढाला और अपने पुराने शौक मार्शल आर्ट्स को फिर से अपनाया। लगातार मेहनत के बाद उन्होंने स्टेट लेवल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल भी जीता।
कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बाद उनका सफर आसान नहीं था। उन्होंने फूड डिलीवरी, बाइक टैक्सी और जिम असिस्टेंट जैसे कई छोटे काम किए। आखिरकार, उन्होंने बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक ऑटो चलाना शुरू किया। आज वे गर्व से यह काम करते हैं और इसे अपनी आज़ादी का प्रतीक मानते हैं।आज राकेश सिर्फ एक ऑटो ड्राइवर नहीं हैं, बल्कि एक डांसर, पेंटर और सबसे बढ़कर एक स्वतंत्र इंसान हैं। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि असली सफलता पैसे या पद में नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जीने में है।

