Wednesday, February 18, 2026
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Delhi के कालकाजी में दिल दहला देने वाली घटना, मां और दो बेटों ने की आत्महत्या

देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों में 52 वर्षीय मां अनुराधा कपूर और उनके दो बेटे आशिष कपूर (32) और चैतन्य कपूर (27) शामिल हैं। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2:47 बजे कालकाजी थाना पुलिस को एक घर में सामूहिक आत्महत्या की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। यह घटना उस समय सामने आई, जब कोर्ट के आदेश पर बेलिफ और स्थानीय पुलिस की टीम संबंधित फ्लैट को खाली कराने पहुंची थी।

बताया जा रहा है कि कई बार दरवाजा खटखटाने और बेल बजाने के बावजूद जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो डुप्लीकेट चाबी की मदद से दरवाजा खोला गया। जैसे ही टीम ने घर के अंदर प्रवेश किया, वहां का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। अनुराधा कपूर और उनके दोनों बेटे घर के अंदर सीलिंग फैन से फंदे के सहारे लटके मिले।

घर से मिला Nसुसाइड नोट

पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा गया है कि परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था। नोट में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है, बल्कि मानसिक पीड़ा और अवसाद का जिक्र किया गया है। पुलिस इस सुसाइड नोट की गहनता से जांच कर रही है।

पहले भी आत्महत्या की कोशिश कर चुका था परिवार

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परिवार काफी समय से समाज से कटा हुआ था और किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। बताया गया कि करीब 15–20 दिन पहले भी परिवार के सदस्यों ने नस काटकर आत्महत्या की कोशिश की थी, उस समय भी पुलिस इस घर में पहुंची थी। अनुराधा कपूर अपने दोनों बेटों के साथ पिछले करीब एक से डेढ़ साल से इसी मकान के तीसरे फ्लोर पर रह रही थीं।

मानसिक तनाव बना आत्महत्या की वजह

साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि पुलिस स्टाफ कोर्ट द्वारा जारी कब्जा आदेश के संबंध में नोटिस देने के लिए फ्लैट पर पहुंचा था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तीनों लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद में थे। फिलहाल इसी को आत्महत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों शवों को कब्जे में लेकर सेक्शन 194 BNSS के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए एम्स मोर्चरी भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें परिवार की आर्थिक स्थिति, मानसिक स्वास्थ्य, इलाज से जुड़े पहलू और कोर्ट के आदेश से संबंधित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज की उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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