UP News : KGMU धर्मांतरण केस में खुलासा, आरोपी डॉ. रमीज का PFI से लिंक और लाखों की फंडिंग के मिले सबूत
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार को उस समय भारी हंगामा मच गया जब महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और भाजपा कार्यकर्ता परिसर में पहुंच गए। आ
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार को उस समय भारी हंगामा मच गया जब महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और भाजपा कार्यकर्ता परिसर में पहुंच गए। आयोग ने कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद और जांच समितियों पर आरोप लगाया है कि धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज मलिक जांच से बचाने की कोशिश की गई है।
आरोपी डॉ. रमीज हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने फरार आरोपी डॉ. रमीज मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। वह 18 दिनों से फरार था और जांच में उसके पास लाखों रुपये की संदिग्ध फंडिंग और प्रतिबंधित संगठन PFI से जुड़े लिंक सामने आए हैं।
डॉक्टरों ने कि 24 घंटे में कार्रवाई की मांग
डॉक्टरों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर FIR दर्ज नहीं हुई, तो वे सेवाएं बंद करने पर मजबूर होंगे।
पुलिस को मिले ठोस सबूत
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि फरारी के दौरान डॉ. रमीज मलिक कई डॉक्टरों के संपर्क में रहा। उसने महंगे वकीलों की फीस और छिपने के इंतजाम के लिए लाखों रुपये की फंडिंग जुटाई, जिसका संबंध प्रतिबंधित संगठन PFI और डॉ. शाहीन सईद के करीबी नेटवर्क से बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रमीज के बैंक खातों में बाहरी स्रोतों से पैसा ट्रांसफर हुआ है। पुलिस अब दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों में छिपे उसके मददगारों की तलाश कर रही है।
मुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट
महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है और कुलपति समेत जांच समितियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी को बचाने का प्रयास नहीं किया जा रहा।
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