अमेरिका ने रूस का जहाज किया जब्त, वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहे थे 2 जहाज

अमेरिकी कार्रवाई के तहत रूसी टैंकर मैरिनेरा को उत्तरी अटलांटिक महासागर में पकड़ा गया, जबकि दूसरा जहाज कैरिबियन सागर में जब्त किया गया।

Jan 8, 2026 - 07:05
Jan 8, 2026 - 08:41
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अमेरिका ने रूस का जहाज किया जब्त, वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहे थे 2 जहाज

अमेरिका ने बुधवार को वेनेजुएला से तेल खरीदने जा रहे दो टैंकरों को जब्त कर लिया। न्यूज एजेंसी रशिया टुडे के मुताबिक इनमें से एक रूसी झंडे वाला तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ है, जबकि दूसरे जहाज का नाम ‘सोफिया’ बताया गया है। सोफिया पर पनामा का झंडा लगा है, हालांकि इसके स्वामित्व वाले देश की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

अमेरिकी कार्रवाई के तहत रूसी टैंकर मैरिनेरा को उत्तरी अटलांटिक महासागर में पकड़ा गया, जबकि दूसरा जहाज कैरिबियन सागर में जब्त किया गया। दोनों जहाजों को कुछ ही घंटों के अंतराल में रोका गया। रिपोर्ट के अनुसार, ये टैंकर वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर उसे चीन या अन्य देशों तक पहुंचाने जा रहे थे।

दो हफ्तों से कर रहे थे निगरानी

अमेरिकी सैनिक पिछले दो हफ्तों से मैरिनेरा जहाज की निगरानी कर रहे थे। हवाई और समुद्री निगरानी के जरिए इसके हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी। अंततः अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाज USCGC मुनरो ने इसे बोर्ड कर अपने नियंत्रण में ले लिया।

नाम और झंडा बदलकर बचने की कोशिश

रूसी टैंकर मैरिनेरा का नाम पहले ‘बेला-1’ था। अमेरिका ने इसे पहले ही प्रतिबंधित जहाजों की सूची में डाल रखा था। दिसंबर 2025 में जब यह जहाज वेनेजुएला की ओर जा रहा था, तब अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय चालक दल की चतुराई से यह बच निकलने में सफल रहा।

उस दौरान यह जहाज गुयाना के झंडे के तहत रजिस्टर्ड था और उस पर ईरानी तेल ढोने का आरोप लगाया गया था। बाद में जहाज का नाम बदलकर मैरिनेरा कर दिया गया और उस पर रूसी झंडा लगाकर रूस की आधिकारिक रजिस्ट्रेशन सूची में शामिल कर लिया गया।

रूसी नौसेना भी रही मौजूद

जब अमेरिकी बलों ने उत्तरी अटलांटिक में मैरिनेरा को रोका, उस समय जहाज के आसपास रूस की एक सबमरीन और अन्य नौसैनिक जहाज भी मौजूद थे। हालांकि, दोनों देशों के बीच कोई सीधा सैन्य टकराव नहीं हुआ। रूसी मीडिया ने जहाज के आसपास हेलिकॉप्टरों की तस्वीरें भी जारी की हैं।

रूस का कड़ा विरोध

रूसी परिवहन मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश के रजिस्टर्ड जहाज को बलपूर्वक रोकने या उस पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है। रूस के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने रूस के समयानुसार दोपहर करीब 3 बजे मैरिनेरा पर कब्जा किया, जिसके बाद जहाज से सभी तरह का संचार बंद हो गया। रूस ने यह भी दावा किया कि 24 दिसंबर को मैरिनेरा को रूसी झंडे के तहत चलने की अस्थायी अनुमति दी गई थी।

‘शैडो फ्लीट’ पर अमेरिकी शिकंजा

दरअसल, दिसंबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ पर सख्त ब्लॉकेड लगाया था। अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला उसकी शर्तें माने और अपने तेल उद्योग में अमेरिकी कंपनियों को प्रवेश दे।

अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला से सीधे तेल खरीदना कई देशों के लिए मुश्किल हो गया है। ऐसे में वेनेजुएला और उसके ग्राहक, खासतौर पर चीन, ‘शैडो फ्लीट’ के जरिए तेल की सप्लाई कर रहे हैं। ये ऐसे जहाज होते हैं जो अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांस्पॉन्डर बंद कर देते हैं, झंडा बदलते हैं या ‘डार्क मोड’ में सफर करते हैं।

ब्रिटेन ने भी दिया समर्थन

ब्रिटेन ने इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका का समर्थन किया। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस कार्रवाई में ब्रिटेन के विमान भी शामिल थे और उन्होंने अमेरिकी सेना को जरूरी सहयोग प्रदान किया। इस घटना के बाद अमेरिका, रूस और वेनेजुएला के बीच तनाव और बढ़ने के आसार हैं, वहीं वैश्विक तेल बाजार पर भी इसके असर की आशंका जताई जा रही है।

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