UP News : अयोध्या में रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ, राजनाथ सिंह और CM योगी ने किए दर्शन
इस पावन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे और परंपरागत विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
अयोध्या आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर भक्ति और उत्सव के रंग में रंगी हुई है। पूरा रामनगरी परिसर जयकारों, भजन-कीर्तन और शंख-घंटों की गूंज से अनुप्राणित है। इस पावन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे और परंपरागत विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना, फिर रामलला के दर्शन
दोनों नेता सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने परिक्रमा की, आरती उतारी और दर्शन किए। इस दौरान राजनाथ सिंह ने महंत प्रेम दास का आशीर्वाद लिया और चरण स्पर्श किया। इसके बाद दोनों नेता राम मंदिर परिसर पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। आरती के बाद राजनाथ सिंह ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया।
माता अन्नपूर्णा मंदिर में पहली बार फहराई गई धर्म ध्वजा
रामलला के दर्शन के बाद राजनाथ सिंह माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे, जहां मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई गई। यह क्षण ऐतिहासिक रहा, क्योंकि परकोटे के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराने की परंपरा शुरू हुई है। इससे पहले 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर पर ध्वजा फहराई थी।
अंगद टीला में कार्यक्रम और जनसभा
पूजा-अर्चना के बाद रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री राम मंदिर परिसर स्थित अंगद टीला पहुंचे, जहां आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां वे संतों, साधुओं और श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे।
पूरे परिसर में भक्ति की गूंज
पूरे मंदिर परिसर में ‘‘सीता राम, सीता राम’’ के भजन और शंख-मंजीरों की गूंज के साथ माहौल बिल्कुल वैसा ही रहा, जैसा दो वर्ष पहले प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान था। श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते रहे।
क्यों आज मनाई जा रही वर्षगांठ?
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में संपन्न हुई थी। उस दिन हिंदी पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी थी। आज भी वही तिथि होने के कारण, प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आज मनाई जा रही है।
ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा का स्मरण
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में उस समय
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
* RSS प्रमुख मोहन भागवत - समेत छह यजमान शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री ने मंदिर में चांदी का छत्र और लाल अंगवस्त्र अर्पित किया था और साष्टांग प्रणाम कर पूजा-अर्चना की थी। मंदिर में स्थापित 51 इंच की नई मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व लायी गई थी।
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