Punjab : कूड़ा प्रबंधन पर PPCB का बड़ा एक्शन, लुधियाना नगर निगम पर ₹1.54 करोड़ का लगाया जुर्माना
शहर में लगातार पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने और कूड़े को जलाने की घटनाओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान PPCB ने नगर निगम लुधियाना (MCL) पर ₹1.54 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
पंजाब के लुधियाना में लंबे समय से चल रही कूड़ा प्रबंधन की समस्या अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दायरे में आ गई है। शहर में लगातार पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने और कूड़े को जलाने की घटनाओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB) ने नगर निगम लुधियाना (MCL) पर ₹1.54 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
लापरवाही के कारण लगाया जुर्माना
PPCB ने यह कार्रवाई नगर निगम की ओर से पिछले दो वर्षों से कूड़ा प्रबंधन में बरती जा रही गंभीर लापरवाही के आधार पर की है। रिपोर्ट के अनुसार शहर में कचरा न केवल अनियंत्रित रूप से जमा हो रहा है, बल्कि कूड़ा जलाने की घटनाओं से वायु प्रदूषण और पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। PPCB ने कहा है कि यह जुर्माना पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के रूप में वसूला जाएगा।
2023 में दायर हुई थी याचिका
यह मामला तब शुरू हुआ जब पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य इंजीनियर कपिल अरोड़ा और कुलदीप सिंह खैहरा ने 2023 में NGT में याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया था कि लुधियाना नगर निगम कूड़ा प्रबंधन नियमों का पालन नहीं कर रहा और खुले में कचरा जलाकर प्रदूषण फैला रहा है। NGT ने पहले DC और नगर निगम कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी, लेकिन रिपोर्ट से याचिकाकर्ता संतुष्ट नहीं रहे।
याचिकाकर्ताओं ने कहा बढ़ाया जाए जुर्माना
कपिल अरोड़ा ने PPCB की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जुर्माना कोर्ट कमिश्नर की विजिट की तारीख से लगाया गया है, जबकि यह शिकायत दर्ज होने की तारीख से लगाया जाना चाहिए था। कपिल अरोड़ा ने बताया कि वे 20 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई में जुर्माने की राशि बढ़ाने की मांग रखेंगे।
अफसरों पर कार्रवाई की भी मांग
कपिल अरोड़ा ने यह भी कहा कि सिर्फ नगर निगम ही नहीं, बल्कि PPCB के अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण को नुकसान की जानकारी होने के बावजूद अधिकारियों ने समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि NGT से यह भी मांग की जाएगी कि लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
20 जनवरी को अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को NGT में होगी, जहां PPCB को अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करनी है। याचिकाकर्ता पक्ष ने बताया है कि यदि कार्रवाई केवल जुर्माना लगाने तक सीमित रही, तो वे अदालत से और कड़े कदमों की मांग करेंगे, ताकि लुधियाना में स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
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