एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से हिसार में 1 लाख से अधिक नौकरियां होंगी पैदा: डॉ. कमल गुप्ता

Jul 10, 2024 - 10:33
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एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से हिसार में 1 लाख से अधिक नौकरियां होंगी पैदा: डॉ. कमल गुप्ता
एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से हिसार में 1 लाख से अधिक नौकरियां होंगी पैदा: डॉ. कमल गुप्ता

हरियाणा के नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (IMC) के विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है।

इस क्लस्टर से हिसार में 125,000 से अधिक नौकरियां पैदा होने और हजारों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। इस परियोजना के लिए कुल 2988 एकड़ भूमि की पहचान की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 4694.46 करोड़ रुपये है।

आईएमसी के मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे पर अधिक जानकारी साझा करते हुए, डॉ. गुप्ता ने कहा कि नजदीकी डीएफसी स्टेशनों में अंबाला (208 किमी पूर्व), रेवाड़ी (156 किमी पश्चिम), और लॉजिस्टिक्स हब/ड्राई पोर्ट जैसे आईसीडी कापसहेड़ा (182 किमी), आईएमएलएच नांगल चौधरी (189 किमी), और कांडला सी पोर्ट (1055 किमी) शामिल हैं।

प्रस्तावित मास्टर प्लान के बारे में विस्तार से बताते हुए डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रथम चरण में कुल 1605 एकड़ में से 980.20 एकड़ (61 प्रतिशत) का उपयोग उद्योग और लॉजिस्टिक्स के लिए, 39.02 एकड़ (2 प्रतिशत) का उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए, 48.60 एकड़ (3 प्रतिशत) का उपयोग सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक उपयोग के लिए, 34.90 एकड़ (2 प्रतिशत) का उपयोग आवासीय उद्देश्यों के लिए, 28.50 एकड़ (2 प्रतिशत) का उपयोग सेवाओं के लिए, 242.52 एकड़ (15 प्रतिशत) का उपयोग हरित और जल निकायों के लिए और 231.26 एकड़ (15 प्रतिशत) का उपयोग सड़कों और उपयोगिताओं के लिए किया जाएगा।

मंत्री ने आगे बताया कि एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर के पास मौजूदा उद्योगों में धातु उद्योग, इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन, लॉजिस्टिक्स, कपास और कपड़ा, तथा कृषि से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं। यह आईएमसी के लिए एक सकारात्मक पहलू है।

प्रस्तावित आईएमसी में एयरोस्पेस और रक्षा के लिए 343.20 एकड़, खाद्य प्रसंस्करण के लिए 172 एकड़, इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन के लिए 289.80 एकड़, सिले-सिलाए कपड़ों के लिए 92.20 एकड़, सामान्य रेडीमेड शेड के लिए 12.73 एकड़ तथा लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए 70 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

प्रस्तावित एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर की वर्तमान प्रगति का ब्यौरा देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एसएचए-एसएसए प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। क्लस्टर के लिए 100 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। एनपीजी की सिफारिशें प्राप्त हो गई हैं।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान पीडीआर और लागत अनुमान तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें कभी भी अधिसूचित किया जा सकता है। बिजली और पानी के लिए राज्य सरकार से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर हिसार शहर को विश्व मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाने के लिए तैयार है।

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