Delhi तुर्कमान गेट पत्थरबाजों पर एक्शन तेज, 30 लोगों की हुई पहचान, पुलिस के पास 400 से ज्यादा वीडियो…
दिल्ली पुलिस ने CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से तुर्कमान गेट पत्थरबाजी की घटना में 30 संदिग्धों की पहचान की है। अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और पुलिस की छापेमारी जारी है।
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पथराव की इस घटना में शामिल लोगों की पहचान CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर की गई है। पुलिस के अनुसार, अब तक 30 उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
यह घटना मंगलवार रात उस समय हुई, जब प्रशासन अवैध ढांचे को हटाने की कार्रवाई कर रहा था। इसी दौरान माहौल बिगड़ गया और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। हालात को काबू में करने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने जिन पांच लोगों को हिरासत में लिया है, उनके नाम मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ बताए गए हैं। सभी आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों की ओर से आज तीस हजारी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।
जांच के लिए बनाई गईं कई टीमें
दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गहन जांच के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं। एक टीम CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है, जबकि दूसरी टीम सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो, फोटो और पोस्ट की जांच में जुटी है। पुलिस के पास इस घटना से जुड़े 400 से अधिक वीडियो होने की जानकारी सामने आई है, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि हिंसा में स्थानीय लोगों के साथ कुछ बाहरी तत्व भी शामिल थे। पुलिस को कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिन पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। इनमें एक-दो राजनीतिक व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, हालांकि फिलहाल पुलिस ने उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी पर उठे सवाल
इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौके पर मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस ने इस पहलू की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पथराव शुरू होने से पहले रात करीब बारह बजे सांसद घटनास्थल पर पहुंचे थे, जिसके वीडियो उनके पास मौजूद हैं।
वहीं, सांसद नदवी ने सफाई देते हुए कहा है कि वे स्थानीय लोगों के बुलाने पर वहां गए थे और हिंसा से उनका कोई संबंध नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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