Delhi : राजधानी में बढ़े ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामले, 70 वर्षीय महिला से ऐंठे 7 करोड़
ग्रेटर कैलाश में 70 वर्षीय महिला को साइबर ठगों ने तीन दिनों तक ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ में रखा। ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को यकीन दिलाया कि वह किसी गंभीर अपराध में फंस चुकी हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों का ‘डिजिटल अरेस्ट’ नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। बीते एक हफ्ते में दक्षिण दिल्ली से दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें बुजुर्गों को डराकर और मानसिक दबाव में रखकर करोड़ों रुपये ठगे गए। इस तरह की घटनाओं को ‘डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड’ कहा जाता है।
70 वर्षीय महिला से 7 करोड़ की ठगी
ताजा मामला ग्रेटर कैलाश का है, जहां 70 वर्षीय महिला को साइबर ठगों ने तीन दिनों तक ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ में रखा। ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को यकीन दिलाया कि वह किसी गंभीर अपराध में फंस चुकी हैं। उन्होंने धमकी दी कि अगर महिला ने किसी से बात की तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने ठगों के बताए अलग-अलग खातों में करीब 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
डॉक्टर दंपति से 14 करोड़ की ठगी
इसी इलाके से कुछ दिन पहले एक और बड़ा मामला सामने आया था, जिसमें अमेरिका से लौटे डॉक्टर दंपति ओम तनेजा और इंदिरा तनेजा को डिजिटल अरेस्ट में रखकर 14 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। ठगों ने उन्हें 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और फर्जी FIR और कोर्ट केस की धमकी दी।
पुलिस की लोगों से अपील
दिल्ली पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल पर अपनी व्यक्तिगत या बैंक जानकारी साझा न करें। किसी सरकारी अधिकारी या एजेंसी के नाम पर डराया जाए तो तुरंत 1930 या 112 नंबर पर शिकायत करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध ईमेल, लिंक या कॉल की सूचना राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर दें।
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