Thursday, February 12, 2026
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दिल्ली को नई CM के मिलेगा नया मेयर, जानिए अब तक कहां फंसा था पेंच

आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के तौर पर आतिशी के नाम की घोषणा कर दी है। आतिशी ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है और जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इसके साथ ही दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को भी नया मेयर मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पिछले 6 महीने से मेयर का चुनाव रुका हुआ है। अब इस स्थिति में बदलाव होने की संभावना है, जिससे स्थानीय राजनीति में सक्रियता बढ़ सकती है।

केजरीवाल के जेल में होने से बाधा

आपको बता दें कि इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल में होने के कारण मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई थी। जब केजरीवाल जेल से बाहर आए थे, तब भी उन्होंने कोर्ट की शर्तों के कारण किसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। अब नई मुख्यमंत्री आतिशी की नियुक्ति के बाद फिर से मेयर चुनाव की संभावना बढ़ गई है। उनके कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही उम्मीद है कि जल्द ही चुनाव होंगे और स्थानीय प्रशासन में सक्रियता देखने को मिलेगी।

मेयर चुनाव की स्थिति

25 अप्रैल को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री से चर्चा किए बिना मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने से इनकार कर दिया था। इसके चलते 26 अप्रैल को होने वाला मेयर चुनाव अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेयर चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी। हालांकि, लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव नहीं हो पाए थे। नई मुख्यमंत्री आतिशी के आने के बाद अब यह स्थिति बदल सकती है।

नामांकन की जानकारी

अप्रैल में मेयर पद के लिए 5 नामांकन किए गए थे। इनमें आम आदमी पार्टी (आप) के महेश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कृष्ण लाल का नाम शामिल है। ये नामांकन अभी भी वैध हैं। इसके अलावा डिप्टी मेयर पद के लिए भी 3 नामांकन किए गए थे, जो अभी भी वैध हैं। इसलिए अब नए नामांकन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति की फाइल दिल्ली के मुख्यमंत्री के माध्यम से उपराज्यपाल के पास भेजी जाती है। मुख्यमंत्री उस पार्षद का नाम सुझाते हैं जो चुनाव में उम्मीदवार नहीं है। इसके बाद उपराज्यपाल उस पर अनुमति देते हैं। इस प्रकार आतिशी की नियुक्ति से मेयर चुनाव की राह में आने वाली रुकावटें खत्म होने की संभावना है।

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