राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और वहां के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है। यह संवेदना नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के कारण व्यक्त की गई।
तिब्बत से शुरू हुई अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में बुधवार को मध्य नेपाल के कई जिले आ गए, जिससे कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और लगभग 500 लोग लापता हो गए। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 46 शव बरामद किए जा चुके हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत इस आपदा से प्रभावित लोगों के लिए नेपाल सरकार के राहत और बचाव कार्यों में मदद करने के लिए तैयार है।
I convey my deepest sympathies to Rt Hon President Mr. Ramchandra Paudel @OOP_Nepal and the people of Nepal on the devastation caused by the flash floods today.
We express our solidarity with Nepal at this difficult hour. India stands ready to support the relief and rescue…— President of India (@rashtrapatibhvn) August 26, 2026
राष्ट्रपति ने कहा, “आज अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही पर मैं नेपाल के राष्ट्रपति श्री रामचंद्र पौडेल और नेपाल के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। हम इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं।”
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का पानी सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग जिले प्रभावित हुए। इसके बाद बाढ़ धाडिंग, नुवाकोट और चितवन जिलों तक फैल गई, जिससे कम से कम चार पक्के पुल और कुछ अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 एनआरआई शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे।
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