Drug Consignment Seized in Ferozepur: पंजाब के फिरोजपुर में नशा तस्करी के खिलाफ काउंटर इंटेलिजेंस और BSF की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके में चलाए गए अभियान के दौरान टीम ने 44.5 किलोग्राम हेरोइन और 3 किलोग्राम ‘आइस ड्रग’ बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय नशा बाजार के अनुमान के मुताबिक, बरामद पूरी खेप की कीमत 235 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
44.5 किलो हेरोइन की कीमत 222.5 करोड़
बरामद 44.5 किलोग्राम हेरोइन की वैश्विक बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई है। इस हिसाब से अकेली हेरोइन की खेप की कीमत लगभग 222.5 करोड़ रुपये बैठती है।
3 किलो आइस ड्रग की कीमत 12-15 करोड़
टीम को 3 किलोग्राम ‘आइस ड्रग’ भी मिली है। यह बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जिसकी बाजार कीमत करीब 4 से 5 करोड़ रुपये प्रति किलोग्राम बताई जाती है। इस आधार पर बरामद आइस की अनुमानित कीमत 12 से 15 करोड़ रुपये है। दोनों नशों की कुल अनुमानित कीमत 235 करोड़ रुपये से अधिक है।
गांव गजनीवाला में आधी रात चला CASO
सूत्रों के मुताबिक, फिरोजपुर काउंटर इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की ओर से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप भारतीय सीमा में भेजी गई है। इसके बाद BSF जवानों और पंजाब पुलिस की स्पेशल विंग ने सीमा से सटे गांव गजनीवाला को घेर लिया। आधी रात के बाद शुरू हुआ घेराबंदी एवं तलाशी अभियान (CASO) पूरी रात चला। तलाशी के दौरान जमीन में छिपाकर रखे गए हेरोइन और आइस ड्रग के पैकेट बरामद किए गए।
SSOC थाने में NDPS एक्ट के तहत केस
इतनी बड़ी बरामदगी के बाद फाजिल्का स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा पार से ड्रोन या पाइप के जरिए भेजी गई यह खेप भारत में किस स्थानीय तस्कर तक पहुंचनी थी।
पाकिस्तान से पंजाब तक नेटवर्क की जांच
पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ यानी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों और पंजाब में मौजूद खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां सीमा पार बैठे तस्करों और पंजाब में एक्टिव नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
नशे के खिलाफ बड़ी कामयाबी
पंजाब में ‘चिट्ठे’ और सिंथेटिक ड्रग्स के कारण युवाओं पर पड़ रहे असर और लगातार बिगड़ते हालात के बीच सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। पुलिस के अभियान से तस्करी नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है, हालांकि सीमा पार से संचालित नेटवर्क अब भी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी को इस साल नशे के खिलाफ हुई बड़ी और निर्णायक सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
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