Delhi Illegal Construction Action: हाल ही में हुए दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से जुड़े हादसों के बाद राज्य सरकार एक्शन में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद गृह मंत्री आशीष सूद ने घोषणा की कि अब नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि राजधानी में कानून और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
नियम तोड़ने पर जेल का प्रावधान
गृह मंत्री आशीष सूद ने बताया कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के प्रावधानों को अब सख्ती से लागू किया जाएगा। यदि कोई मकान मालिक या संचालक सरकारी आदेशों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की जेल की सजा का प्रावधान लागू होगा।
हादसों के बाद एक्शन में सरकार
सरकार का यह फैसला दिल्ली में हाल ही में हुए उन हादसों के बाद आया है, जिनमें अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से कई बेगुनाह लोगों की जान चली गई। सरकार का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।
पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया है। सरकार प्रभावित परिवारों और पीड़ितों के साथ खड़ी है तथा उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासनिक व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
सरकार ने माना कि अब तक विभिन्न एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर काम कर रही थीं, जिससे कई सुधारात्मक और संरचनात्मक कार्यों के प्रभावी तालमेल में बाधाएं आती थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए सभी संबंधित विभागों और इकाइयों को एक साथ लाने का फैसला किया गया है, ताकि निगरानी और कार्रवाई अधिक प्रभावी बन सके।
डीएम की शक्तियां बढ़ाने की तैयारी
बैठक में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की शक्तियों को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर अधिक अधिकार मिलने से निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई होगी।
अधिकारियों की लापरवाही भी नहीं होगी माफ
गृह मंत्री ने साफ किया कि यदि किसी मामले में किसी सरकारी अधिकारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों के तहत जेल और आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि दिल्ली में नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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