भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस(Twisha Sharma Death Case) में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज और ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी से पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी जिसके कुछ समय बाद ही सीबीआई की टीम उनके भोपाल स्थित आवास पहुंची। गुरुवार को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित एचआईजी-311 आवास पर CBI अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।
जांच एजेंसी ने पूरे इलाके की निगरानी के बीच गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों को लेकर सवाल किए गए जिसके बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लेने का फैसला किया। CBI की टीम ने घर के भीतर और आसपास की परिस्थितियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि एजेंसी घटनास्थल का वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है ताकि घटना के हर पहलू को क्रमवार समझा जा सके।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला ?
गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें विवाहित महिला के साथ क्रूरता, दहेज प्रताड़ना और संयुक्त आपराधिक दायित्व जैसी धाराएं शामिल हैं। CBI अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है और हर आरोपी की भूमिका की गहन पड़ताल की जाएगी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत की शर्तों का सही तरीके से पालन नहीं किया। साथ ही जांच में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया गया। अदालत ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए उनकी अग्रिम जमानत निरस्त कर दी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही सीबीआई की कार्रवाई तेज हो गई और पूछताछ के कुछ घंटों बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
ट्विशा के शरीर पर चोटों के निशान
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में यह भी बताया गया कि ट्विशा शर्मा के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए थे। अदालत ने माना कि ये चोटें मृत्यु से पहले की थीं। इस टिप्पणी ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि परिस्थितियों और मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए प्रथम दृष्टया किसी अपराध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने भी अपने आदेश में इस पहलू का उल्लेख किया है।
क्या है पूरा मामला?
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। शुरुआती जानकारी में मामला आत्महत्या का बताया गया था, लेकिन परिवार की शिकायतों और परिस्थितियों को देखते हुए मामले ने तूल पकड़ लिया। बाद में सीबीआई ने इस केस की जांच अपने हाथ में ली और दोबारा एफआईआर दर्ज की। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया। पेशे से वकील समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर आगे की जांच पर टिकी हुई है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि जांच एजेंसी हर पहलू की गहराई से जांच करने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।