उत्तराखंड में तीर्थ यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी(CM Dhami) ने देहरादून स्थित कैंप कार्यालय परिसर से चार अत्याधुनिक चिकित्सा वाहनों (एंबुलेंस) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये एंबुलेंस कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत HDFC Bank द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं और इनका संचालन विशेष रूप से चारधाम यात्रा और आदि कैलाश यात्रा मार्गों पर किया जाएगा।
इन एंबुलेंसों को पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और यात्रा मार्गों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके। सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी होगी।
सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर बोले CM धामी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से उत्तराखंड आते हैं ऐसे में उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं यात्रा मार्गों पर किसी भी आपात स्थिति में जीवन रक्षक साबित होंगी और समय पर इलाज मिलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।
सरकार लगातार यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य, परिवहन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव देना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है।
पुल का किया शिलान्यास
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने सितारगंज क्षेत्र में सिसौना नदी पर बनने वाले पुल का शिलान्यास किया जिसकी लागत लगभग 11.41 करोड़ रुपये है। यह पुल शक्तिफार्म क्षेत्र को सिडकुल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को लगभग 9 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी। साथ ही, इस विकास कार्य से करीब 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। यह कदम न केवल आवागमन को आसान बनाएगा बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच भी सुगम करेगा जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।