Water Tank Accident IAF Rescue: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के सदर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे कांशीराम आवास योजना के पास बनी पुरानी पानी की टंकी पर बड़ा हादसा हो गया। करीब 1989 में बनी यह टंकी अब परित्यक्त घोषित थी, लेकिन पांच बच्चे उस पर चढ़ गए थे।
सीढ़ी टूटने से गिरे तीन बच्चे
जानकारी के अनुसार, जब पांच बच्चे टंकी पर चढ़ रहे थे, तब दो बच्चे ऊपर पहुंच गए। इसी दौरान जैसे ही बाकी तीन बच्चे ऊपर पहुंचने वाले थे, टंकी से जुड़ी सीढ़ी अचानक टूटकर लटक गई। इसके कारण करीब 120 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे नीचे गिर पड़े।
1 बच्चे की हुई मौत
घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां 14 वर्षीय सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का इलाज जारी है। दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
दो बच्चे टंकी पर फंसे रहे
हादसे के बाद दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए थे। स्थानीय प्रशासन ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन दलदली जमीन और तकनीकी दिक्कतों के कारण सीढ़ी बनाने का प्रयास सफल नहीं हो सका।
IAF ने हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू
स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने भारतीय वायु सेना से संपर्क किया। इसके बाद IAF Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को ऑपरेशन में लगाया गया। सुबह करीब 5:30 बजे दोनों फंसे बच्चों को सुरक्षित हेलीकॉप्टर के जरिए नीचे उतार लिया गया और गोरखपुर पहुंचाया गया।
#WATCH | Siddharthnagar, Uttar Pradesh: Children who had been stranded for a day at a water tank, rescued by an Air Force helicopter. pic.twitter.com/Yu1wfmmR9p
— ANI (@ANI) May 3, 2026
जिलाधिकारी ने बताया पूरा ऑपरेशन
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा ने बताया कि पहले स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू की कोशिश की गई, लेकिन असफल रहने के बाद एयर फोर्स की मदद ली गई। उन्होंने कहा कि बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें उनके परिवारों को सौंपा जा रहा है।
टंकी सालों से बंद फिर भी पहुंच रहे थे बच्चे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह करीब 30 साल पुरानी और परित्यक्त टंकी थी, लेकिन बच्चे अक्सर यहां खेलने या चढ़ने आते थे। प्रशासन का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, एडीएम, एएसपी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। राहत और बचाव कार्य देर रात तक चलता रहा।
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