अगर आप कैलाश मानसरोवर यात्रा(Kailash Mansarovar Yatra) पर जाने की योजना बना रहे हैं तो यह आपके लिए खास मौका है। इस वर्ष यात्रा के लिए पंजीकरण आज से शुरू हो गया है। खास बात यह है कि इस बार यात्रा एक दुर्लभ आध्यात्मिक संयोग में आयोजित होगी, जिसे लेकर देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा जून के पहले सप्ताह से शुरू होगी और पहला जत्था उसी दौरान रवाना किया जाएगा।
60 सालों के बाद बन रहा विशेष महासंयोग
जानकारी के अनुसार, लगभग 60 सालों के बाद तिब्बती और हिमालयी ज्योतिष के अनुसार एक विशेष महासंयोग बन रहा है जिसे “अग्नि अश्व वर्ष” कहा जाता है। मान्यता है कि यह योग हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इसे मोक्ष से जोड़कर देखा जाता है। तिब्बती पंचांग के 60 वर्षीय चक्र में यह संयोजन काफी दुर्लभ होता है, जिससे इस बार यात्रा का महत्व और बढ़ गया है।
सरकार भी इस यात्रा को लेकर पूरी तैयारी में जुटी हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उत्तराखंड मार्ग से आयोजित होने वाली इस यात्रा में करीब 500 लोगों को शामिल करने की योजना है। हर साल विदेश मंत्रालय जून से लेकर अगस्त-सितंबर के बीच इस यात्रा का आयोजन करता है।
यात्रा के हैं दो प्रमुख मार्ग
इसके दो प्रमुख मार्ग हैं एक उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से और दूसरा सिक्किम के नाथू ला दर्रे से। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हिंदू मान्यता में कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान है जिसका जैन और बौद्ध धर्म में भी इसका विशेष महत्व है। लिपुलेख दर्रा प्रमुख मार्ग माना जाता है। इस रास्ते की शुरुआत दिल्ली से होती है और यह टनकपुर, पिथौरागढ़, धारचूला और गुंजी होते हुए लिपुलेख तक पहुंचता है।
इस मार्ग पर वाहन सुविधा उपलब्ध रहती है और श्रद्धालु कैलाश पर्वत की परिक्रमा के साथ मानसरोवर झील पर पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, नाथू ला दर्रा मार्ग सिक्किम के रास्ते से जाता है। यह यात्रा भी दिल्ली से शुरू होकर गंगटोक तक पहुंचती है और फिर नाथू ला पार किया जाता है। हालांकि, भू-राजनीतिक कारणों से इस मार्ग का उपयोग अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन इसमें ट्रेकिंग कम होने के कारण इसे आरामदायक माना जाता है।
यात्रा के लिए क्या है पात्रता ?
यात्रा में शामिल होने के लिए इच्छुक लोगों को विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए वैध पासपोर्ट या OCI कार्ड, हालिया मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और सरकारी पहचान पत्र अनिवार्य हैं। चयनित यात्रियों को यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी और दिशा-निर्देश दिए जाते हैं साथ ही प्रस्थान से पहले ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।