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ओडिशा के आश्रम स्कूल में जहरीला खाना खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार, 12 साल की छात्रा की मौत

मयूरभंज जिले के रासगोबिंदपुर स्थित काकाबंध आश्रम स्कूल में जहरीला भोजन खाने से बड़ा हादसा सामने आया है। इस घटना में सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार हो गए, जबकि इलाज के दौरान एक 12 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और गुस्से का माहौल है।

पांचवीं की छात्रा ने तोड़ा दम

मृत छात्रा की पहचान रुपाली बेश्रा के रूप में हुई है, जिसने बारिपदा जिला मुख्य चिकित्सालय में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

146 से ज्यादा बच्चे हुए प्रभावित

जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले हॉस्टल में खाना खाने के बाद करीब 146 छात्र-छात्राएं उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत से बीमार पड़ गए। सभी को पहले रासगोबिंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में 60 से अधिक बच्चों को बारिपदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

सड़क जाम और स्कूल घेराव

छात्रा की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों का गुस्सा भड़क उठा। रासगोबिंदपुर बाजार के पास सड़क जाम कर दी गई और स्कूल का घेराव किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

हालात बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हो गए।

बीजेडी ने बंद का किया ऐलान

इस घटना पर बीजू जनता दल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने 18 अप्रैल को मयूरभंज जिले में 12 घंटे के बंद का ऐलान किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

मुआवजे का ऐलान

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुटे हैं। वहीं मोहन चरण माझी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक छात्रा के परिजनों को 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

अस्पताल में जारी है उपचार

फिलहाल 60 से अधिक छात्र बारिपदा जिला मुख्य चिकित्सालय में और अन्य बच्चे रासगोबिंदपुर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है और उनमें सुधार हो रहा है।

प्रशासन ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। भोजन की गुणवत्ता और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

 

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