नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से रोजाना गुरुग्राम जाने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब लंबे समय तक जाम में फंसने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गुरुग्राम में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी परियोजना के लिए 150 मीटर लंबे नए अंडरपास को मंजूरी दे दी है। यह अंडरपास सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़ा होगा और यात्रियों को महज 15 मिनट में दिल्ली से गुरुग्राम पहुंचने की सुविधा देगा।
सर्विस लेन और ट्रैफिक पर असर
इस अंडरपास के बनने से मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। जाम से निजात मिलने के साथ ही वाहन चालकों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। इसके साथ ही सड़क पर वाहनों का प्रवाह सुचारू होगा, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी काफी हद तक कम होगी।
हरियाणा सरकार की तैयारी
हरियाणा सरकार 1000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ग्लोबल सिटी को विकसित कर रही है। परियोजना का पहला चरण 2027 तक पूरा करने की योजना है। इसमें आधुनिक सड़कें, बिजली, पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ लगभग 10 किलोमीटर लंबा यूटिलिटी नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा। इससे शहर की सर्विस और जीवन स्तर में सुधार होगा।
सड़क चौड़ीकरण और आधुनिक सुविधाएं
गुरुग्राम-पटौदी रोड को चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात का दबाव कम होगा। भविष्य में मेट्रो विस्तार, इलेक्ट्रिक बस सेवा, साइकिल ट्रैक और पैदल चलने के लिए विशेष सड़कें भी बनाई जाएंगी। यह कदम लोगों को पर्यावरण के अनुकूल और सुविधाजनक सफर का विकल्प देगा।
दिल्ली-गुरुग्राम सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
केंद्र सरकार भी दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम कर रही है। महरौली-गुरुग्राम रोड और आश्रम-बदरपुर जैसे व्यस्त मार्गों पर फ्लाईओवर और इंटरचेंज बनाए जाएंगे। खास तौर पर इफको चौक पर मल्टी-लेवल इंटरचेंज बनने से ट्रैफिक बिना रुके आगे बढ़ सकेगा, जिससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी।
गुरुग्राम की बढ़ती आबादी और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को देखते हुए यह अंडरपास और संबंधित परियोजनाएं ट्रैफिक सुधार, समय की बचत और सफर को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। आने वाले वर्षों में यह परियोजना क्षेत्रीय यातायात को पूरी तरह बदल सकती है।
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