चारधाम यात्रा(Chardham Yatra) शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और इस बार सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। पिछले वर्षों में सामने आई गड़बड़ियों और शिकायतों से सीख लेते हुए इस बार प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। अब न तो दलालों की दखलंदाजी होगी और न ही टिकट के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ेगा-सारी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है।
हाल ही में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन, टिकटिंग सिस्टम और शटल व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बार की तैयारियां पिछले सालों की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक और व्यवस्थित नजर आ रही हैं।
आठ रूटों पर मिलेगी हेली सेवा
इस वर्ष कुल आठ अलग-अलग रूटों पर हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी। इसके लिए ऑपरेटरों का चयन कर लिया गया है और उनकी सीटों (इनवेंट्री) को जल्द ही आईआरसीटीसी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही चार नए ऑपरेटरों के साथ त्रिपक्षीय समझौते की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
10-12 अप्रैल के बीच शुरू होगी बुकिंग
हेली टिकट की ऑनलाइन बुकिंग 10 से 12 अप्रैल के बीच शुरू होने की संभावना है। इस बार टिकट एक साथ जारी नहीं किए जाएंगे, बल्कि 20-20 दिनों के स्लॉट में चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध होंगे। इससे सर्वर पर दबाव कम रहेगा और अलग-अलग तारीखों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी समान अवसर मिलेगा।
रिफंड सिस्टम भी होगा बेहतर
पिछले साल यात्रियों को रिफंड में देरी की शिकायतें मिली थीं। इस बार इस समस्या को दूर करने के लिए यूकाडा ने साफ किया है कि ऑपरेटरों को समय पर भुगतान किया जाएगा, ताकि सेवाएं बाधित न हों और रिफंड प्रक्रिया भी तेज और सुचारु रहे। इसके लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।
सिर्फ IRCTC पोर्टल से होगी बुकिंग
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इस बार हेलीकॉप्टर टिकट की 100% बुकिंग केवल आईआरसीटीसी के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही होगी। न कोई ऑफलाइन काउंटर होगा और न ही किसी एजेंट की भूमिका। इससे कालाबाजारी और दलालों पर पूरी तरह रोक लगेगी और आम यात्रियों को पारदर्शी तरीके से टिकट मिल सकेगी।
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था के साथ-साथ उसकी अर्थव्यवस्था का भी अहम हिस्सा है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा की पारदर्शी और सुचारु व्यवस्था न केवल सुविधा बढ़ाती है, बल्कि यात्रियों के भरोसे को भी मजबूत करती है।