उत्तर प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसी कड़ी में बाराबंकी से बहराइच(Barabanki-Bahraich) के बीच एक नए चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। करीब 101.51 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर कुल 6,969.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना का मकसद राज्य के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक क्षेत्रों के बीच बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत मिली मंजूरी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने इस प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत मंजूरी दी है। इस मॉडल में सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की भागीदारी होती है, जिसमें 40 प्रतिशत लागत सरकार वहन करती है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत निवेश निजी कंपनियां करती हैं। कुल लागत में लगभग 3,485.49 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर और करीब 1,574.85 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे।
इस हाईवे के निर्माण से न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से लगभग 36.54 लाख प्रत्यक्ष और 43.04 लाख अप्रत्यक्ष कार्यदिवस सृजित होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आधुनिक मार्ग कई समस्याओं को करेगा खत्म
बाराबंकी और बहराइच के बीच बनने वाला यह आधुनिक मार्ग शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम और खराब सड़क व्यवस्था की समस्या को काफी हद तक कम करेगा। साथ ही, यात्रा की औसत गति बढ़ेगी और सफर का समय करीब एक घंटे तक घट जाएगा। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार, ईंधन की बचत और वाहन संचालन लागत में भी कमी आएगी।
इस परियोजना का एक अहम पहलू इसका अंतरराष्ट्रीय संपर्क है। यह हाईवे नेपालगंज सीमा के जरिए भारत-नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन को नई गति देगा। रूपईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुंच आसान होने से सीमा पार व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरस्थ जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे कृषि, पर्यटन और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।