जम्मू-कश्मीर(Jammu Kashmir) और आसपास के पहाड़ी इलाकों में 15 मार्च को हुई भारी बर्फबारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बर्फबारी के चलते किश्तवाड़ जिले के सिन्थन टॉप और मार्गन टॉप इलाके में 100 से ज्यादा लोग फंस गए। इनमें स्कूली बच्चे भी शामिल थे। ये सभी लोग राष्ट्रीय राजमार्ग 244 पर यात्रा कर रहे थे। हालात बिगड़ने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, नेशनल हाईवे-244 किश्तवाड़ जिले को कश्मीर घाटी के अनंतनाग से जोड़ता है। अचानक मौसम खराब होने से इस मार्ग पर स्थिति बिगड़ गई। करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सिन्थन टॉप और लगभग 14 हजार फीट ऊंचे मार्गन टॉप पर भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बावजूद कई वाहन इस रास्ते से गुजर रहे थे। जैसे ही वाहन पहाड़ी दर्रों तक पहुंचे, तेज बर्फबारी शुरू हो गई और सड़क पूरी तरह बंद हो गई।
कितने लोग और कहां फंसे?
पूर्व जिला विकास परिषद सदस्य जफरुल्लाह शेख के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर कई वाहन और यात्री बर्फ में फंस गए थे। मार्गन टॉप पर सात हल्के वाहनों में सवार करीब 40 लोग फंसे हुए थे। वहीं सिन्थन टॉप के पास करीब 70 से 80 लोग बर्फबारी के कारण रास्ते में ही रुक गए। कश्मीर की तरफ से आ रही एक गाड़ी में स्कूली बच्चे भी सवार थे, जिससे चिंता और बढ़ गई।
कैसे चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन?
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। अनंतनाग और श्रीनगर की तरफ से स्नो क्लियरेंस मशीनें भेजकर रास्ते से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान चलाया। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्गन टॉप पर फंसे सभी लोगों को शाम करीब चार बजे तक सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। वहीं सिन्थन टॉप पर पहुंची रेस्क्यू टीमों ने देर शाम तक अभियान चलाकर वहां फंसे लोगों को भी धीरे-धीरे सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया।