अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच स्विट्जरलैंड ने एक अहम फैसला लेते हुए अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल पर सख्ती दिखाई है। स्विस(Switzerland) सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी पारंपरिक तटस्थता की नीति के तहत युद्ध से जुड़े अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार की ओर से शनिवार (14 मार्च 2026) को जारी बयान में बताया गया कि 15 मार्च को अमेरिकी सेना के दो रिकॉनिसेंस (टोही) विमानों को स्विट्जरलैंड के एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी नहीं दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, इन उड़ानों का संबंध सीधे तौर पर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से था, इसलिए उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
मेडिकल इमरजेंसी वाली उड़ानों को मिलेगी अनुमति
स्विस प्रशासन ने कुछ अन्य अमेरिकी उड़ानों को मंजूरी दी है। इनमें 15 मार्च को दो ट्रांसपोर्ट विमान और 17 मार्च को एक मेंटेनेंस से जुड़ी उड़ान शामिल है। यह निर्णय स्विस फेडरल काउंसिल ने विभिन्न अनुरोधों की समीक्षा के बाद लिया। ये अनुरोध फेडरल ऑफिस ऑफ सिविल एविएशन के पास आए थे, जो इस तरह की कूटनीतिक उड़ानों से संबंधित अनुमतियों को संभालता है।
स्विट्जरलैंड ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानवीय सहायता या मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ी उड़ानों को अनुमति मिलती रहेगी। उदाहरण के तौर पर घायल लोगों को ले जाने वाले विमान या राहत कार्य में लगे एयरक्राफ्ट स्विस एयरस्पेस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तीसरे हफ्ते में पहुंचा अमेरिका-ईरान संघर्ष
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। यह टकराव 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर हमले किए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्ध में अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश ईरान के नागरिक बताए जा रहे हैं।
इस संघर्ष का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करने वाले देशों से अपील की है कि वे समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेनाएं तैनात करें। वहीं ईरान ने अमेरिका के खर्ग द्वीप पर हुए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव और बढ़ गया है।