मध्य पूर्व से बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह हमला तेहरान के पास एक उच्च सुरक्षा वाले सैन्य परिसर को निशाना बनाकर किया गया, जहां खामेनेई मौजूद थे।
ईरान के सरकारी प्रसारण माध्यमों ने देर रात इस घटना की पुष्टि की। हालांकि, आधिकारिक तौर पर ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से विस्तृत बयान अभी जारी नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी हताहत हुए हैं।
कैसे हुआ हमला?
सूत्रों के मुताबिक, यह हमला लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन के जरिए किया गया। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का दावा है कि हमले में अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक का उपयोग किया गया।
क्षेत्रीय तनाव चरम पर
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर है। गाजा युद्ध और लेबनान सीमा पर झड़पों के बाद से दोनों देशों के बीच सीधा टकराव बढ़ता जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह खबर पूरी तरह सत्य साबित होती है तो मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की आशंका और गहरा सकती है।
ईरान के राजनीतिक ढांचे में सुप्रीम लीडर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे देश की सैन्य, न्यायिक और धार्मिक नीतियों पर अंतिम निर्णय लेते हैं। ऐसे में खामेनेई की मौत से ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव संभव है।
उत्तराधिकार का सवाल
ईरान के संविधान के अनुसार, सुप्रीम लीडर के निधन के बाद विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) नए नेता का चयन करती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तराधिकारी कौन होगा, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
















