ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद Pakistan national field hockey team को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टीम के कप्तान ने खुलासा किया है कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं और हालात इतने खराब थे कि उन्हें खुद खाना बनाना और बर्तन धोने तक पड़े। कप्तान के इस बयान के बाद हॉकी प्रशासन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
कप्तान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विदेशी दौरे जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के दौरान टीम के ठहरने और खाने की उचित व्यवस्था नहीं की गई। खिलाड़ियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और होटल बुकिंग से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। उनका कहना है कि पेशेवर अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ ऐसा व्यवहार बेहद निराशाजनक और अपमानजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही का सीधा असर टीम के मनोबल और प्रदर्शन पर पड़ा। जब खिलाड़ी मैदान के बाहर मूल सुविधाओं के लिए जूझ रहे हों, तो मैदान पर बेहतर खेल दिखाना मुश्किल हो जाता है। कप्तान ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की बार-बार की गई मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।
दौरे के मैचों में टीम का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे आलोचना और तेज हो गई है। पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए मजबूत प्रशासनिक समर्थन और पेशेवर तैयारी बेहद जरूरी है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद खेल प्रशासकों पर जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ गया है। कप्तान ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की जांच हो और भविष्य में खिलाड़ियों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
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